गुजरात के सूरत में लगातार हो रही बारिश ने शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरियां उजागर कर दी हैं। बीते कुछ दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों में सड़कें धंसने की कई घटनाएं सामने आई हैं। कहीं सड़क धंसने से बस बीच रास्ते में फंस गई तो कहीं स्कूल वैन का पहिया गड्ढे में धंस गया। इन घटनाओं के बाद नगर निगम की कार्यशैली और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
सबसे ताजा मामला उधना मेन रोड का है। बुधवार को यहां अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे गुजरात राज्य परिवहन (ST) की एक बस बीच सड़क में फंस गई। देखते ही देखते व्यस्त सड़क पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे, हालात पर काबू पाया और ट्रैफिक को धीरे-धीरे सामान्य कराया।
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पाइपलाइन के बाद जल्दबाजी में हुई मरम्मत बनी वजह
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, मई में यहां हाइड्रोलिक पाइपलाइन बिछाई गई थी। इसके बाद सड़क की मरम्मत तो कर दी गई लेकिन हाल की तेज बारिश में सड़क के नीचे की मिट्टी बैठ गई, जिससे सड़क धंस गई। हाइड्रोलिक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क को जल्दबाजी में खोल दिया गया था। मिट्टी को अच्छी तरह जमने और मजबूत होने का पूरा समय नहीं मिला। इसी वजह से बारिश का पानी अंदर तक चला गया और सड़क कमजोर होकर धंस गई।
सड़क पर धंसा हाइवा
सोशल मीडिया पर एक और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक हाइवा सड़क पर चलते-चलते आगे से धंस जाता है। जिससे ट्रैफ़िक धीमा हो जाता है। इस हाइवा का नंबर GJ21Y4749 है। वहीं, एक और घटना लिम्बायत इलाके में सामने आई। यहां सड़क धंसने की वजह से एक स्कूल वैन का पहिया गड्ढे में फंस गया। वैन आगे नहीं बढ़ पाई, जिसके बाद बारिश के बीच स्कूली बच्चों को वैन से उतरकर पैदल ही जाना पड़ा।
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लगातार हो रही घटनाओं पर निगम सख्त
सूरत में पिछले कुछ दिनों से सड़क धंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मोटा वराछा, उधना और डिंडोली जैसे इलाकों में सड़कें अचानक धंस गईं, जिससे ट्रक और दूसरे वाहन बीच सड़क में फंस गए और लोगों को काफी परेशानी हुई। इन घटनाओं के बाद सूरत नगर निगम (SMC) हरकत में आ गया है। मोटा वराछा मामले में ईस्ट जोन-बी के सार्थाना ड्रेनेज विभाग के एक जूनियर इंजीनियर और एक ट्रेनी टेक्निकल असिस्टेंट को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
साथ ही शहर में पाइपलाइन बिछाने का काम करने वाली एजेंसियों से भी जवाब मांगा गया है। निगम का कहना है कि जांच में अगर किसी की लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।