झारखंड की राजधानी रांची में आदिवासी नेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत ने फेसबुक पर लाइव आकर आत्महत्या कर ली। निशा ने रोते हुए एक वीडियो बनाया और राज्य की
हेमंत सोरेन
सरकार और जमीन के दलालों पर परेशान करने का आरोप लगाया। निशा भारती ने जो वीडियो शेयर किया है, उसमें वह जोर-जोर से रोते हुए अपने साथ हुए अन्याय को बताते हुए नजर आईं।
इस घटना के बाद निशा भगत के पिता ने
CBI
जांच की मांग की है, उनके पिता हांडू भगत ने कहा, 'मैं इस मामले की उच्च-स्तरीय CBI जांच चाहता हूं। सरकार की विफलता के कारण, एक होनहार और बहादुर लड़की ने अपनी जान गंवा दी है। इसकी CBI जांच होनी चाहिए।'
जिन लोगों का नाम लिया सबकी गिरफ्तारी हो
निशा भगत की मौत के मामले में अब उनके पिता हांडू भगत ने सामने आकर अपनी मांग रखी है। उन्होंने कहा कि निशा ने अपने वीडियो में जिन-जिन लोगों का नाम लिया है, उन सभी की CBI जांच होनी चाहिए। निशा के पिता की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और उनकी बेटी को न्याय मिले। आखिर निशा भगत के पिता ने क्या कहा? वीडियो में देखिए उनका पूरा बयान
निशा भगत का हेमंत सरकार और जमीन दलालों पर आरोप
निशा भगत ने वीडियो में आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और जमीन के दलालों के खिलाफ आवाज उठाने का मतलब है अपनी मौत को बुलाना। हेमंत सरकार औरतों को जलील कर सकती है। मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकती। इस घटना से पहले निशा ने फेसबुक पर एक पोस्ट भी शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, ‘मेरी मौत की जिम्मेदार झारखंड पुलिस, न डरते हैं मिशनरी से, न बिकते हैं पैसों से, सरकार किसी की भी हो, जमीन हमारी है, जान हमारी है।’
'भंडाफोड़ करना अगर गलत है, तो मेरी मौत है'
निशा भगत ने जोर-जोर से रोते हुए अपनी बात रखी और कहा, 'जो लोग कहते हैं निशा बहुत मजबूत है, सरना-सनातन की नींव है, और सरना-सनातन की प्रगाढ़ मिसाल है, तो क्या इस सरकार का भंडाफोड़ करना अगर गलत है, तो मेरी मौत है। मुझे ये बहुत पहले समझ जाना चाहिए था कि हेमंत सरकार हो, हेमंत सरकार के समर्थक जितने भी जमीन दलाल हों, मुझे नहीं पता था कि मुझे अपनी जान देना पड़ेगी।' निशा ने कहा कि मैंने प्रशासन से भी बहुत लड़ने की कोशिश की, प्रशासन से भी अपनी सिक्यूरिटी की बात करने की कोशिश की, लेकिन आज मुझे इसलिए मौत को अपने गले लगाना पड़ रहा है, कि ये सरकार जो है हेमंत सरकार, औरतों को जलील कर सकती है, मैं ये नहीं बर्दाश्त कर सकती।
इसके बाद निशा ने अपने वीडियो में आगे कहा, 'आज मेरे जीवन की लीला समाप्त करने की बारी आई, और मुझे पता है, कि ना मेरे साथ कोई था, ना कोई है। कुछ लोग बोलते रह गए कि मैं बीजेपी की दलाल हूं, लेकिन मैं किसी की दलाल नहीं रही। मैं लड़ती रही, संघर्ष करती रही, कि मेरा समाज बच पाए। मेरा आदिवासी समाज बच पाए। लेकिन कुछ नहीं हो रहा। यकीन मानिए प्रशासन फेल है। प्रशासन फेल है क्योंकि प्रशासन ये अजय तिर्की जैसे लोगों के हाथ में है। ये RSS और BJP वाले मेरे साथ नहीं हैं।'