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UP की टॉप मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों में नॉन-वेज कुकिंग बैन, क्या है कारण?

उत्तर प्रदेश के लखनऊ की KGMU यूनिवर्सिटी ने सभी हॉस्टलों में नॉन-वेज खाना पकाने पर रोक लगा दी है। हालांकि, छात्र बाहर से नॉन-वेज मंगाकर खा सकेंगे।

Non veg items ban in KGMU hostels Lucknow

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, Photo Credit: www.kgmu.org

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की मशहूर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने अपने सभी हॉस्टलों में नॉन-वेज खाना पकाने पर रोक लगा दी है। हालांकि, छात्रों को बाहर से नॉनवेज खाना मंगाने की पहले की तरह अनुमति रहेगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह फैसला राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की टिप्पणी के बाद लिया है।

 

दरअसल, KGMU के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन के दौरान कहा था कि उन्हें जानकारी मिली है कि विश्वविद्यालय के कुछ हॉस्टलों में नॉन-वेज भोजन बनाया जा रहा है। इस पर उन्होंने चिंता जताई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की समीक्षा करते हुए हॉस्टल परिसर में नॉनवेज भोजन पकाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया।

 

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हॉस्टल मेस में पहले से नहीं था नॉन-वेज

KGMU प्रशासन का कहना है कि यूनिवर्सिटी के 18 हॉस्टलों की मेस में पहले से ही नॉन-वेज खाना न तो बनाया जाता था और न ही परोसा जाता था। मेस का पूरा मेन्यू शाकाहारी है, जिसमें अंडा भी शामिल नहीं है। हालांकि, कुछ प्राइवेट मेस और कुछ छात्र अपने स्तर पर नॉनवेज खाना बनाते थे। अब राज्यपाल की टिप्पणी के बाद यूनिवर्सिटी ने ऐसे सभी प्राइवेट मेस और छात्रों को सख्त एडवाइजरी जारी करते हुए हॉस्टल परिसर में नॉनवेज खाना पकाने पर रोक लगा दी है।

बाहर से खाना मंगाने पर नहीं लगेगी रोक

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. कुमार शांतनु ने बताया कि कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने इस पूरे मामले की समीक्षा के लिए प्रो-वाइस चांसलर की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया है। उन्होंने साफ किया कि यह फैसला केवल हॉस्टल परिसर में नॉन-वेज खाना पकाने तक सीमित है। छात्र चाहें तो बाहर से नॉन-वेज खाना ऑर्डर कर सकते हैं। इस पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है।

 

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फैसले पर उठे सवाल, RMLIMS भी करेगा समीक्षा

विश्वविद्यालय के कुछ प्रोफेसरों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को अपनी पसंद का खाना चुनने की आजादी होनी चाहिए। एक वरिष्ठ शिक्षक ने कहा कि डॉक्टर खुद कई मरीजों को अंडा खाने की सलाह देते हैं, ऐसे में छात्रों के खाने-पीने की निजी पसंद पर रोक लगाना सही नहीं माना जा सकता।

 

वहीं, लखनऊ के राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) में भी इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई है। यहां फिलहाल सप्ताह में दो दिन हॉस्टल मेस में नॉनवेज भोजन परोसा जाता है। संस्थान का कहना है कि मेन्यू छात्र समिति तय करती है लेकिन राज्यपाल द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद अब इस व्यवस्था की भी दोबारा समीक्षा की जाएगी।


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