विमानन कंपनी एयर एशिया को लेकर एक दिलचस्प मामला सामने आया है। एक उपभोक्ता आयोग ने एयर एशिया को 90,750 रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा एक किसान के लाए हुए हाइब्रिड कटहल के पौधे को फ्लाइट में देरी की वजह से नुकसान पहुंचने के बाद दिया गया है।
मामला केरल के पलक्कड़ जिले का है। पलक्कड़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 8 मई 2026 को यह आदेश सुनाया। आयोर ने विमानन कंपनी को पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वह पेश नहीं हुई। ऐसे में उपभोक्ता आयोग ने एयर एशिया के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की।
पूरा मामला क्या है?
शिकायतकर्ता का नाम अब्दुल अजीज सी है। वह पलक्कड़ के एक किसान हैं। अब्दुल अजीज हाइब्रिड फलों की किस्मों की खेती और रिसर्च में लगे हुए हैं। वे 26 अगस्त 2025 को कोच्चि से कुआलालंपुर गए थे और अगले दिन कुआलालंपुर से कुआलानामु, इंडोनेशिया गए थे। वह यहां अपने खेत के लिए हाइब्रिड कटहल का पौधा खरीदने के लिए गए थे।
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एयर एशिया अधिकारियों से संपर्क किया
30 अगस्त 2025 को उनकी वापसी की यात्रा मेदान-कुआलानामु से कुआलालंपुर होते हुए कोच्चि के लिए थी। हालांकि, एयर एशिया की फ्लाइट मेदान-कुआलानामु से कई घंटों लेट हो गई। फ्लाइट लेट होने की वजह से उन्हें कोच्चि के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट के पहले ही निकल जाने के बाद कुआलालंपुर पहुंचना पड़ा। कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर फंसे अब्दुल अजीज ने तुरंत एयर एशिया अधिकारियों से संपर्क किया और उसी दिन दूसरी फ्लाइट के लिए आग्रह किया।
अब्दुल अजीज कंपनी को ज्यादा पैसे देने को भी तैयार थे। उन्हें पता था कि उसके पास जो कटहल के पौधे थे वह सेंसिटिव हाइब्रिड पौधे होते हैं जो ज्यादा देर तक टिक नहीं पाते।
एयर एशिया का दिखा ठंडा रवैया
हालांकि, एयर एशिया के अधिकारियों ने अब्दुल को बताया कि कोच्चि के लिए अगली फ्लाइट तीन दिन बाद, 2 सितंबर 2025 को है। ऐसे में सुनवाई करते हुए उपभोक्ता आयोग ने पाया कि यह एक गुमराह करने वाला बयान है। अब्दुल अजीज ने खुद 31 अगस्त 2025 को कुआलालंपुर से कोच्चि के लिए एयर एशिया की एक और फ्लाइट बुक की थी और उसी दिन कोच्चि पहुंच गया था। उसने आयोग के सामने सबूत के तौर पर टिकट भी पेश किया था।
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फ्लाइट में देरी होने की वजह से पौधा पूरी तरह से खराब हो गया। उपभोक्ता आयोग ने कहा, 'यात्रा पर किया गया पूरा खर्च बेकार हो गया और शिकायत करने वाले को अब एक और पौधा खरीदने के लिए इंडोनेशिया की नई यात्रा करनी पड़ रही है।'
आयोग ने अपने फैसले में क्या कहा?
आयोग ने एयर एशिया को 7 फरवरी 2026 को ईमेल के जरिए नोटिस भेजा था। नोटिस भेजे जाने के बावजूद कंपनी आयोग के सामने पेश नहीं हुई। इसलिए आयोग ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए कहा कि किसी भी उलटे सबूत के बिना, वह शिकायत करने वाले की बात मान रहा है।
सुनवाई करते हुए आयोग ने कंपनी की तरफ से कई कमियां पाईं। सर्विस में कमी की वजह से शिकायतकर्ता को पैसे का नुकसान और मानसिक तकलीफ को देखते हुए एयर एशिया को हर्जाना देने के लिए जिम्मेदार माना।
आयोग ने मेदान-कुआलानामु से कोच्चि सफर के लिए 30,750 रुपये का पूरा टिकट किराया वापस करने, 25,000 रुपये का सफर और रहने का खर्च वापस करने, सर्विस में कमी के लिए 25,000 रुपये हर्जाने के तौर पर देने और केस की लागत के तौर पर 10,000 रुपये देने का निर्देश दिया।
कंपनी का यह रकम 45 दिनों के अंदर देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर एयर एशिया को आखिरी पेमेंट तक हर महीने 500 रुपये का हर्जाना देना होगा।