पुलिस जिनका काम है कानून की रक्षा करना लेकिन वहीं पुलिस जब ही कानून तोड़ने लगे और अपराध करने लगे तो क्या होगा? ऐसी ही एक घटना मध्य प्रदेश की राजधानी इंदौर से सामने आई है, जहां कुछ पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर एक घर में वारंट लेकर घुसे और सोने के गहने लेकर फरार हो गए। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी पुलिस अधिकारियों लगभग 20 तोला सोना लूटकर ले गए। इस मामले में पीड़ित परिवार ने कुल 6 पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाया है, जिनमें से 5 पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है।
यह मामला इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र का है, जहां हरिदर्शन अपार्टमेंट में रहने वाले गौरव जैन के घर पर यह घटना हुई। गौरव जैन ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आरोप लगाया है कि 1 अप्रैल की रात करीब 11:45 बजे एसआई संजय समेत 4 पुलिस अधिकारी घर में आए थे। घर का ताला नकली चाबी से खोलकर घुसे थे और घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए।
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वारंट के बहाने की लूट
अपार्टमेंट के मालिक गौरव जैन के खिलाफ ग्वालियर कोर्ट में एक मुकदमा चल रहा था क्योंकि उनका एक चेक बाउंस हो गया था। इसी वजह से कोर्ट ने उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था। इसी वारंट के आधार पर पुलिस अधिकारी संजय के साथ राकेश शर्मा, प्रणित भदौरिया, दीपेंद्र मिश्रा और दिनेश गुर्जर गौरव जैन के घर पहुंचे थे।
पुलिस अधिकारियों ने गौरव के घर में घुसने से पहले घर का ताला तोड़ दिया, जिसके बाद घर की तलाशी ली और 20 तोला सोना लेकर फरार हो गए। इस घटना के बाद गौरव जैन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिस मामले को लेकर आईपीएस (IPS) ने अहम बातें बताई हैं।
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आईपीएस (IPS) ने क्या कहा?
आईपीएस अधिकारी कुमार प्रतीक ने कहा है कि पीड़ित की शिकायत के बाद मामले पर कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी 6 पुलिस अधिकारियों ने न सिर्फ 20 तोला सोना लिया बल्कि घर में मौजूद लोगों के साथ बदतमीजी भी की थी। फिलहाल पुलिस ने 6 में से 5 पुलिस अधिकारियों को नौकरी से सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा पुलिस यह तलाश कर रही है कि 20 तोला सोने के गहने कहां छुपाए गए हैं।