मुंबई में एक गरबा पंडाल स्थल पर 'लव जिहाद' के खिलाफ पोस्टर चर्चा का केंद्र बन गया है। इसमें कहा गया कि पंडाल में आने वाले गैर-हिंदुओं को कलावा बांधा जाए। उन पर गोमूत्र का छिड़काव किया जाए और तिलक लगाया जाए। गुजरात और महाराष्ट्र समेत देशभर के अलग-अलग शहरों में शारदीय नवरात्रि के दौरान गरबा का आयोजन किया जाता है। अबकी बार नवरात्रि 11 अक्टूबर से आरंभ हो रही है।
यह कोई पहली बार नहीं जब गरबा पंडाल में लव जिहाद के खिलाफ आवाज उठी है। इससे पहले भी कई पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग उठ चुकी है। ताजा मामला मुंबई के मलाड इलाके का है। यहां बीजेपी विधायक अतुल भाटखालकर गरबा का आयोजन कर रहे हैं। उनके ही पंडाल पर लव जिहाद के खिलाफ पोस्टर लगाया गया है।
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वीएचपी सबसे ज्यादा मुखर
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश के खिलाफ है। संगठन लंबे समय से नियम-कानून बनाने की मांग करता है। उसका तर्क है कि यह मनोरंजन का त्योहार नहीं है। इसमें देवी की आराधना की जाती है। संगठन ने सुझाव दिया कि पंडालों में आने वाले लोगों का पहचान पत्र देखा जाए। इसके अलावा गेट पर ही उन्हें कलावा बांधा जाए और तिलक लगाया जाए।
मंत्री नितेश राणे ने भी किया समर्थन
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने भी विश्व हिंदू परिषद का समर्थन किया। उनका दावा है कि गरबा पंडाल में मुसलमानों के आने से लव जिहाद को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि पंडाल में आने वाले की पहचान जांचने के बाद हनुमान चालीसा भी पढ़ाई जाए।
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जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक आयोजनों में भाग नहीं लेना चाहिए। गरबा में आने वालों को प्रवेश की अनुमति मिलने से पहले अपनी पहचान दिखानी होगी और हनुमान चालीसा का पाठ करना होगा। - नितेश राणे, मंत्री, महाराष्ट्र।
गरबा हमारा त्योहार नहीं: मुस्लिम संगठन
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में भी विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने गरबा पंडालों में प्रवेश से जुड़े नियम बनाने की मांग की। राजस्थान के झालावाड़ में भी हिंदू संगठनों ने निजी रिसोर्ट में आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों का विरोध किया। उधर, मध्य प्रदेश में ही मुस्लिम त्योहार समिति ने कहा कि मुस्लिम युवाओं को गरबा में शामिल नहीं होना चाहिए। गरबा हमारा त्योहार नहीं है।