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हिमाचल बिजली बोर्ड का बड़ा डिजिटल बदलाव, मोबाइल ऐप से बंद होगी बिजली

हिमाचल बिजली बोर्ड ने बड़ा डिजिटल बदलाव करते हुए कर्मर्चारियों की सुरक्षा को लेकर बड़ी पहल की है।अब मोबाइल ‘कनेक्ट एप’ से बिजली लीं कि अपोरती बंद और बहाल कि जा सकेगी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Pic Credit: ChatGPT

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हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने बिजली लाइनों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर डिजिटल व्यवस्था शुरू की है। अब हाई और मीडियम वोल्टेज लाइनों पर मरम्मत या रखरखाव के दौरान कागजी प्रक्रिया की जगह मोबाइल एप के जरिये सुरक्षा परमिट जारी किया जाएगा। बोर्ड ने इसके लिए ‘कनेक्ट एप’ तैयार किया है, जिसका पहले चरण में शिमला शहर में पायलट परीक्षण किया जा रहा है। यह परीक्षण 30 सितंबर तक चलेगा और सफल रहने पर व्यवस्था को प्रदेश के अन्य विद्युत मंडलों और सब-डिवीजनों में लागू किया जा सकता है।

 

नई व्यवस्था में लाइन पर काम शुरू करने से पहले कनिष्ठ अभियंता को कार्यस्थल और लाइन से जुड़ी जानकारी के साथ जियो-टैग्ड फोटो एप पर अपलोड करनी होगी। इसके बाद सब-स्टेशन अटेंडेंट लाइन के आइसोलेशन, ग्राउंडिंग और अन्य सुरक्षा इंतजामों का सत्यापन करेगा। सभी सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही डिजिटल ‘परमिट टू वर्क’ जारी होगा।

 

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कैसे बंद होगी बिजली?

खास बात यह है कि काम पूरा होने के बाद भी बिजली तुरंत बहाल नहीं होगी। कर्मचारी के साइट खाली करने, उपकरण हटाने और अर्थिंग हटाने की पुष्टि के बाद जेई के मोबाइल पर छह अंकों का सिक्योरिटी कोड आएगा। इस कोड के सत्यापन के बाद ही सब-स्टेशन से लाइन में बिजली बहाल की जा सकेगी। इससे कर्मचारी के लाइन पर काम करने के दौरान गलती से बिजली सप्लाई शुरू होने की आशंका को कम करने में मदद मिलेगी।

 

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‘कनेक्ट एप’ को केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके माध्यम से बिजली बोर्ड के कर्मचारी दैनिक हाजिरी दर्ज करने के साथ अपनी सैलरी स्लिप भी डाउनलोड कर सकेंगे। भविष्य में पेंशनर पोर्टल और अन्य कर्मचारी सेवाओं को भी इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी है। फिलहाल एप एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जबकि आईओएस संस्करण को सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किया जाएगा।

 

 


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