पंजाब में आम आदमी पार्टी ने साल 2022 में बंपर बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। अब पार्टी को 4 साल सत्ता में हो गए हैं और अगले साल पार्टी को फिर से जनता के बीच जाना है। 4 साल पूरे करने के मौके पर सीएम भगवंत मान ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। अब सरकार अपनी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने 2022 में किए गए ज्यादातर वादे पूरे कर दिए हैं और राज्य को विकास की दिशा में आगे बढ़ाया है। सरकार इसे अपनी राजनीति ऑफ वर्क बता रही है, जबकि विपक्ष इसे केवल प्रचार बता रहा है। ऐसे में कौन सच बोल रहा है और किसके दावे झूठे हैं, जनता इसके बीच में उलझी है।
चार साल पूरे होने पर सरकार ने अपनी उपलब्धियों की एक रिपोर्ट भी जारी की है। इसमें बिजली, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में किए गए कामों को प्रमुखता से गिनाया गया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि पिछली सरकारें जो पांच साल में नहीं कर सकीं, वह उनकी सरकार ने चार साल में कर दिखाया। इसके अलावा अगले एक साल में राज्य सरकार उन योजनाओं पर जोर देगी जिन्हें बीते 4 सालों में पूरा नहीं किया जा सका है। AAP ने अगले साल होने वाले चुनावों के लिए कमर कस ली है और सीएम मान ने पार्टी का रिपोर्ट कार्ड लॉन्च किया।
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2022 में AAP ने किए थे बड़े वादे
दिल्ली से निकलकर आम आदमी पार्टी ने साल 2022 में पंजाब के लोगों से कई बड़े वादे किए थे। पंजाब के लोगों ने पार्टी पर विश्वास जताया और 93 सीटों के बंपर बहुमत के साथ पार्टी की सरकार बनाई। पार्टी के कई वादों को उनके लिए विनिंग फैक्टर भी बताया गया, जिनके आधार पर जनता ने पार्टी का समर्थन किया।
- अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के लोगों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया।
- बच्चों को फ्री एजुकेशन देने का वादा। दिल्ली की तर्ज पर काम करने का वादा।
- महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा।
- पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आने पर दवाइयों और सभी टेस्ट समेत मुफ्त इलाज की गारंटी दी थी।
- पंजाब को नशा मुक्त बनाने का वादा।
- भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था पर काम करने का वादा।
इन वादों पर हुआ काम
- सरकार के अनुसार, सबसे बड़ा वादा मुफ्त बिजली का था, जिसे जुलाई 2022 से लागू कर दिया गया। राज्य के ज्यादातर घरों को इसका लाभ मिला।
- रोजगार के मोर्चे पर सरकार ने लगभग 65000 सरकारी नौकरियां देने और लाखों निजी रोजगार के अवसर पैदा करने का दावा किया है।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में आम आदमी क्लीनिक खोले गए और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा शुरू की गई। इस योजना पर अगले एक साल में काम करने की बात भी कही जा रही है।
- शिक्षा में स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए और हजारों शिक्षकों को नियमित किया गया। शिक्षा क्रांति 2.0 की शुरुआत की गई है।
- सरकार का दावा है कि किसानों के लिए दिन में बिजली आपूर्ति और नहर सिंचाई का दायरा बढ़ाने का काम किया गया।
- नशे के खिलाफ अभियान चलाकर हजारों लोगों की गिरफ्तारी का दावा भी सरकार ने किया है।
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विपक्ष ने बताया खोखली घोषणाएं
जहां सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही है, वहीं विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने राज्य को कर्ज में डुबो दिया है और कई वादे अधूरे हैं। विपक्ष का कहना है कि महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का वादा अब तक पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है। आम आदमी पार्टी ने 2022 में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा किया था लेकिन यह वादा अभी तक पूरा नहीं किया गया है। 2026-27 के बजट में सरकार ने यह वादा पूरा किया लेकिन विपक्ष पिछले 4 सालों का हिसाब मांग रहा है।
विपक्ष रोजगार के नाम पर सरकार के दावों को झूठा बता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार केवल विज्ञापन और प्रचार में ज्यादा ध्यान दे रही है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात उतने बेहतर नहीं हैं। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार फेल होती हुई नजर आ रही है। आए दिन पंजाब से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो सरकार और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
पंजाब को गैंगस्टर राज से मुक्त करवाने की घोषणा की गई थी लेकिन पंजाब में अभी भी गैंगस्टर सक्रिय हैं। कई मौकों पर गैंगस्टर खुली धमकी दे रहे हैं। पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध जरूर शुरू किया है लेकिन सच्चाई यह है की जमीनी स्तर पर इसका कुछ असर दिखाई नहीं दे रहा है। अभी चुनाव में एक साल से कम का समय बचा है तो आम आदमी पार्टी ने अगले चुनावों के लिए कमर कस ली है।