कर्ज में डूबा है पंजाब, फिर भी अकाली और कांग्रेस वाली गलती कर रही AAP?
पंजाब सरकार ने बजट में महिलाओं को 1,000 रुपये देने का वादा पूरा करने की घोषणा की है और इसके लिए बजट में प्रावधान कर दिया गया है। इसके अलावा भी बजट में सरकार ने फ्री का पिटारा खोला।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान। (Photo Credit: Bhagwant Mann/X)
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले सीएम भगवंत मान की सरकार ने अपना इस कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया है। इस बजट में सरकार ने कई ऐसे वादे पूरे किए हैं जिन्हें पूरा करने का वादा उन्होंने आम चुनाव में किया था। यानी करीब चार साल बाद अब चुनाव से ठीक पहले सरकार ने अपने कई वादे पूरे किए। इनमें कई ऐसे वादे भी शामिल हैं जिन्हें फ्री में जनता को पैसा देने की बात की गई थी। कर्ज में डूबे पंजाब के बजट में फ्री की घोषणाएं करने पर कई जानकारों ने सवाल उठाए हैं। वहीं, इससे पहले की सरकारों ने भी इसी तरह का बजट पेश किया था। अब सवाल यही है कि क्या भगवंत मान सरकार भी अकाली और कांग्रेस की सरकारों वाली गलती कर रही है।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब पंजाब की किसी सरकार ने अपनी आखिरी बजट में इस तरह की घोषणाएं की हों। इससे पहले की दो सरकारों के आखिरी बजट में भी फ्री की कई घोषणाएं की गई थीं। आमतौर पर जानकार आखिरी वजट को चुनावी बजट भी कह देते हैं क्योंकि इस बजट में जनता को लुभाने के लिए कई वादे और घोषणाएं की जाती हैं लेकिन पंजाब की राजनीति में चुनावी बजट का फायदा किसी भी राजनीतिक दल को नहीं मिला है। इससे पहले दो बार यह प्रयोग असफल हो चुका है।
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मान सरकार खोला फ्री का पिटारा
आखिरी बजट में फ्री की घोषणाएं कर चुनाव के नतीजों को अपने पक्ष में करने की कोशिश हर एक राजनीतिक दल करता है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होंगे और अगला बजट चुनाव के बाद पेश किया जाएगा। ऐसे में इस बजट में सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं।
- सबसे बड़ी घोषणा महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये देने की है। 1.32 करोड़ महिलाओं को हो सकता है फायदा। बजट में 9300 करोड़ का प्रावधान
- अनुसूचित जाति की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने की घोषणा। (पंजाब में दलित आबादी करीब 32 प्रतिशत है)
- किसानों को मुफ्त बिजली के लिए 7,715 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थय बीमा। इसके लिए 2,000 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया था।
महिलाओं से 2022 में किया था वादा
पंजाब में आम आदमी पार्टी ने 2022 में हर महिला को 1,000 रुपये हर महीने देने का वादा किया था। विपक्ष लगातार सरकार से सवाल कर रहा था कि पार्टी अपना वादा कब पूरा करेगी। हालांकि, सीएम मान ने कहा था कि सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल में इस वादे को जरूर पूरा करेगा। अब जब चुनाव में एक साल का समय रह गया है तो सरकार ने हर महीने महिलाओं को 1,000 देने की घोषणा कर दी है। वहीं, विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि 4 साल में हर महिला को हर महीने 1 हजार रुपये मिलने थे तो ऐसे में सरकार हर महिला के 48 हजार रुपये खा गई है। चंडीगढ़ में पंजाब महिला कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन भी किया। इस दौरान कई महिलाओं को हिरासत में भी लिया गया।
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घाटे में फिर भी फ्री का पिटारा खोला
पंजाब की आर्थिक हालात ठीक नहीं है। राज्य लगातार कर्ज के बोझ के नीचे दब रहा है। राज्य पर 4.47 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ गया है। सरकार ने मौजूदा आर्थिक स्थिति को नजरअंदाज करते हुए बजट में फ्री का पिटारा खोला। ऐसे में राज्य पर 45 हजार करोड़ से ज्यादा का खर्च बढ़ जाएगा। यब खर्च बजट के खर्च का कुल 9 फीसदी है। पंजाब में प्रति व्यक्ति कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार, पंजाब में प्रति व्यक्ति 1.44 लाख रुपये का कर्ज है। ऐसे में राज्य सरकार के सामने फ्री की घोषणाओं को पूरा करने की चुनौती होगी।
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फ्री का पिटारा अब तक फेल
फ्री का पिटारा बिहार चुनाव में सफल रहा है। पिछले साल चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के खाते में पैसे ट्रांसफर करना एनडीए सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना गया था और सरकार रिपीट भी हुई। हालांकि, पंजाब में पिछली दो सरकारों के लिए फ्री का पिटारा काम नहीं आया और सत्ता परिवर्तन हुआ। साल 2016 में अकाली दल और बीजेपी की सरकार ने कई फ्री की घोषणाएं की थी। जिनमें मुफ्त इलाज, मुफ्त स्कूल बैग और स्टेसनरी, मुफ्त तीर्थ यात्रा के लिए 140 करोड़ रुपये का फंड जैसे कई घोषणाएं की थी। हालांकि, इसका फायदा अगले साल हुए चुनाव में नहीं हुआ। गठबंधन बुरी तरह चुनाव हार गया और कांग्रेस पार्टी ने सरकार बना ली।
2021 में कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया था। इस बजट में महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों, दलितों को खुश करने की पूरी कोशिश की गई थी। महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा, स्कूल के बच्चों को मुफ्त यात्रा, एससी परिवारों की बेटियों की शादी पर शगुन स्कीम के तहज राशि 51,000 रुपये कर दी गई। बुढ़ापा पेंशन की राशि भी दोगुनी कर दी गई। पहले पंजाब में बुढ़ापा पेंशन 750 रुपये थी लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया गया। हालांकि, तमाम घोषणाओं के बावजूद कांग्रेस पार्टी फिर से सत्ता में नहीं लौट पाई और चुनाव में बुरी तरह हार गई।
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