पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज एक जुलाई से चर्चित मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना की शुरुआत कर दी है। इसके साथ ही पंजाब की महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हो गई है। लाभार्थी महिलाओं के खातों में तीन महीने की राशि एक साथ जमा करवा दी गई है। आम आदमी पार्टी ने 2022 में विधानसभा चुनाव से समय यह वादा किया था और आज सरकार ने यह योजना शुरू की है। महिलाएं तमाम राज्यों में चुनावी जीत और हार तय करने में अहम फैक्टर साबित हो रही हैं। ऐसे में तमाम राजनीतिक दलों का फोकस महिलाओं पर है।
मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत पंजाब की जनरल कैटेगरी की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये सीधे बैंक अकाउंट में मिलेंगे। सरकार ने तीन महीनों की राशि एक साथ आज महिलाओं के खाते में डाल दी है। राज्य सरकार का अनुमान है कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए वर्ष 2025-26 के बजट में 9,300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
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चुनावी जीत का मंत्र बन रहा महिलाओं को पैसा देना
महिलाएं चुनाव में अहम फैक्टर साबित हो रही हैं। महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक तमाम राज्यों में महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर राजनीतिक दलों ने सत्ता का स्वाद चखा है। बिहार चुनाव में चुनाव से कुछ महीने पहले ही महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इसे चुनाव में टर्निंग फैक्टर माना गया और एनडीए ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। इसके अलावा महाराष्ट्र में भी इसी तरह का फायदा एनडीए को हुआ। मध्य प्रदेश से असम तक, महाराष्ट्र से बिहार तक तमाम राज्यों में इस तरह की योजना अहम साबित हो रही है। अब तमाम राज्यों के चुनावों में राजनीतिक दल महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा कर रहे हैं। यह चुनावी जीत में सबसे अहम फैक्टर साबित हो रहा है।
पंजाब में कितनी अहम हैं महिलाएं
जब बात पंजाब की राजनीति की आती है तो महिलाएं पुरुषों से कहीं ज्यादा अहम हो जाती हैं। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के कुल 2.15 करोड़ मतदाताओं में से 1.02 करोड़ महिला मतदाता हैं। यानी कुल 47.45 प्रतिशत। हालांकि, वोटिंग पैटर्न में इससे अलग ही तस्वीर सामने आती है। वोटिंग में महिलाएं पुरुषों से भी ज्यादा सामने आई हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में 78 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं ने वोट किया था जबकि कुल 77 प्रतिशत पुरुषों का वोट शेयर था।
2017 के चुनाव की बात करें तो इन चुनावों में 79.33 प्रतिशत महिला वोटर्स ने वोट डाला और 75.63 प्रतिशत पुरुषों ने वोट डाला। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी 74.25 प्रतिशत महिलाओं ने वोट किया जबकि सिर्फ 69.5 प्रतिशत पुरुषों ने वोट किया। वोटिंग पैटर्न के इन आंकड़ों से साफ है कि पंजाब में महिलाएं कितनी अहम फैक्टर हैं।
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महिलाओं पर राजनीति
आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2022 में वादा किया था कि वे महिलाओं को पैसा देंगे। यह वादा चुनाव से कुछ महीने पहले ही जुलाई 2026 में पूरा किया जा रहा है। ऐसे में विपक्ष मान सरकार पर हमलावर है कि उन्होंने पिछले चार साल का पैसा महिलाओं को क्यों नहीं दिया। विपक्ष का दावा है कि सरकार ने चुनाव में फायदा उठाने के लिए चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के खाते में पैसा ट्रांसफर किया है। अब इसको लेकर राज्य में जमकर राजनीति हो रही है।