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पंजाब: आतंकियों का बड़ा प्लान फेल, 2.5 किलो RDX वाला बम लेकर घूम रहे थे 2 युवक

पंजाब पुलिस की SSOC ने मोहाली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम कर दी। दो संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं। उनके पास से 2.5 किलो RDX आधारित तैयार IED बरामद हुई है।

representative image of Police arrest scene

प्रतीकात्मक तस्वीर। (Chatgpt Generated Image)

पंजाब पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 2.5 किलोग्राम RDX से तैयार किया गया एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार यह विस्फोटक पूरी तरह तैयार था और किसी भी समय इस्तेमाल किया जा सकता था। समय रहते की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़े हमले को टाल दिया गया।

 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर के गुज्जरपुरा निवासी मनी सिंह (32) और गिलवाली गेट निवासी अभिषेक कुमार (28) के रूप में हुई है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य में आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है।

 

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खुफिया सूचना पर हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार बरामद IED का इस्तेमाल मोहाली (SAS नगर) में किसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक ढांचे या भीड़भाड़ वाले स्थान को निशाना बनाने के लिए किया जाना था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों को एक बड़े आतंकी नेटवर्क के इशारे पर यह काम सौंपा गया था। यदि यह साजिश सफल हो जाती तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।

 

काउंटर इंटेलिजेंस विंग को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) की टीम ने मोहाली के YPS चौक के पास दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि दोनों आरोपी अमृतसर से बस के जरिए मोहाली पहुंचे थे और अपने साथ विस्फोटक उपकरण भी लेकर आए थे। बरामदगी के बाद बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया, जिसने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए IED को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।

 

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सोशल मीडिया से जुड़ा विदेशी हैंडलर

पुलिस महानिरीक्षक (IGP) काउंटर इंटेलिजेंस आशीष चौधरी ने बताया कि शुरुआती जांच में मनी सिंह के विदेश में बैठे एक आतंकी हैंडलर से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आने की बात सामने आई है। बाद में उसने अपने साले अभिषेक कुमार को भी इस नेटवर्क से जोड़ दिया। जांच के मुताबिक विदेशी हैंडलर ने दोनों को आर्थिक मदद का लालच दिया था। आर्थिक तंगी से जूझ रहे दोनों आरोपियों ने उसके लिए काम करने की सहमति दे दी थी। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूरे नेटवर्क, उसके विदेशी संचालकों और अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए जांच जारी है।


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