प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर उत्तर प्रदेश में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। केंद्र सरकार की जांच में खुलासा हुआ है कि प्रदेश के 427 लाभार्थियों ने अलग-अलग पहचान, पता और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री आवास योजना का दोहरा लाभ हासिल किया। कई लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) दोनों के तहत मकान प्राप्त कर लिए। मामले के सामने आने के बाद योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे लाभार्थियों से करीब 10 करोड़ 60 लाख रुपये की रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी है।
ग्राम्य विकास विभाग ने सभी जिलों को सूची भेजकर वसूली और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। जांच में ललितपुर, मथुरा, सीतापुर, प्रयागराज और फिरोजाबाद समेत कई जिलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
केंद्रीय जांच में सामने आया बड़ा खेल
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की जांच में पता चला कि कई लाभार्थियों ने अलग-अलग पहचान और निवास विवरण दिखाकर दो-दो आवास प्राप्त कर लिए। कुछ मामलों में लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) दोनों का लाभ लिया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को ऐसे मामलों की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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ललितपुर बना गड़बड़ी का सबसे बड़ा केंद्र
जांच में सबसे अधिक गड़बड़ी ललितपुर जिले में सामने आई है, जहां 50 लोगों द्वारा दोहरा लाभ लेने की पुष्टि हुई है। इसके बाद मथुरा में 26, सीतापुर और प्रयागराज में 21-21, फिरोजाबाद में 17 और मिर्जापुर में 15 मामले पाए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच का दायरा बढ़ने के साथ ऐसे मामलों की संख्या और बढ़ सकती है।
अवध क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में लाभार्थियों द्वारा दोहरा लाभ लेने के मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार सीतापुर में 21, अमेठी में 10, बहराइच में 8, सुल्तानपुर में 7, अंबेडकरनगर में 5, बाराबंकी में 4, गोंडा और रायबरेली में 2-2 तथा बलरामपुर और लखनऊ में एक-एक मामला दर्ज किया गया है। इन मामलों में संबंधित जिलों के अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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गरीबों के हक पर डाका डालने का आरोप
अधिकारियों का कहना है कि दोहरा लाभ लेने वाले लोगों की वजह से हजारों पात्र परिवार आवास योजना के लाभ से वंचित रह गए। जिन परिवारों को वास्तव में पक्के मकान की जरूरत थी, वे अब भी सरकारी सहायता का इंतजार कर रहे हैं। इस खुलासे के बाद योजना की निगरानी व्यवस्था और लाभार्थियों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्राम्य विकास विभाग ने सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को पत्र भेजकर दोहरा लाभ लेने वाले लाभार्थियों से धनराशि की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कहीं लाभार्थियों ने फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी देकर सरकारी योजना का लाभ तो नहीं लिया। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
सरकार का सख्त संदेश
प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए चलाई जा रही है और इसमें किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का कहना है कि दोहरा लाभ लेने वाले सभी लोगों से पूरी धनराशि वसूली जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।