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परीक्षा के सवाल पर विवाद, ‘रामू’ की जगह ‘राम’ लिखने पर प्रिंसिपल सस्पेंड

रायपुर के एक सरकारी स्कूल की प्रिसिंपल को पेपर के सवाल में ‘राम’ नाम का इस्तेमाल करने की वजह से सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि इस सवाल से धार्मिक भावनाएं आहत हुई है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- AI Sora

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक सरकारी स्कूल की महिला प्रधानाध्यापिका को 11 जनवरी को सस्पेंड कर दिया गया। उन पर आरोप है कि कक्षा 4 के बच्चों के लिए तैयार किए गए प्रश्नपत्र में ऐसा सवाल शामिल किया गया जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। इस मुद्दे को लेकर कुछ संगठनों ने विरोध जताया, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, अंग्रेजी के प्रश्नपत्र में एक सवाल था, जिसके उत्तर में 'राम' नाम का उपयोग हुआ। यह प्रश्न पिछले सप्ताह पूछा गया था लेकिन मामला बाद में सामने आया।

 

इस पूरी घटना के बाद स्कूल और प्रधानाध्यापिका के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन होने लगे। इस पर टीचर ने सफाई देते हुए बताया कि वह उत्तर में 'रामू' लिखना चाहती थीं लेकिन गलती से ‘U’ जोड़ना भूल गईं। इसके बावजूद मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।

 

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प्रशासन की कार्रवाई

सवाल पूछे जाने के करीब एक हफ्ते बाद यह प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गयाइसके बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल सहित कई संगठनों ने महासमुंद जिले के कलेक्टर और SP को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग कीइस मामले में SP प्रभात कुमार ने बताया कि पिछले हफ्ते अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत FIR दर्ज की गई हैयह धारा किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान कर उसकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण से जुड़ी है। यह गैर-जमानती प्रावधान है।

 

 

वहीं, रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायत की पड़ताल के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।

 

एक बयान में शिक्षा अधिकारी ने कहा, 'राम हिंदू धर्म के पूजनीय देवता हैं और [जवाब के लिए] एक विकल्प के रूप में 'राम' को शामिल करने से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं' जांच में सामने आया कि यह पेपर रायपुर के टिल्डा ब्लॉक के नकटी में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल की हेडमिस्ट्रेस ने बनाया था। इसके बाद शनिवार को उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। इसके अलावा, पेपर मॉडरेटर की सर्विस खत्म करने की कार्रवाई चल रही है जो कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर असिस्टेंट टीचर थे।

 

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'अनजाने में हुई गलती'

शिक्षा अधिकारी के बयान में कहा गया, 'प्रिंसिपल ने जवाब में अपनी गलती मानी हैइसमें उन्होंने कहा है कि एक ऑप्शन में 'रामू' की जगह 'राम' टाइप हो गया था। उन्होंने कहा कि यह गलती अनजाने में हुई और उनसे 'U' लेटर छूट गया। दोबारा जांच करने पर भी गलती नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि उनका इरादा कभी भी किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना या धर्म/समुदाय का अपमान करना नहीं था। पेपर बनाते समय गलती से यह शब्द शामिल हो गया था। उन्होंने इसके लिए गहरा दुख जताया और माफी मांगी'

 

इसमें आगे कहा गया है, 'इसी तरह, कॉन्ट्रैक्ट पर एक असिस्टेंट टीचर ने अपने जवाब में बताया कि उन्हें डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिस से मिले क्लास 4 के इंग्लिश पेपर के दो सेट में से सवालों का एक सेट तैयार करना था। उन्होंने चार मल्टीपल-चॉइस ऑप्शन वैसे ही छोड़ दिए और लापरवाही के कारण 'राम' ऑप्शन पर ठीक से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह एक अनजाने में हुई गलती थी जिसके लिए उन्होंने माफी मांगी और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का वादा किया और साफ किया कि उनका इरादा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था'


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