महाराष्ट्र महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने शिवाजी महाराज को लेकर एक बयान दिया है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला भी बोला। उद्धव ठाकरे मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता हर्षल प्रधान की लिखी हुई किताबों के विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान मनसे प्रमुख राज ठाकरे भी मौजूद थे। दोनों ही नेताओं ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला और हाल ही में दिल्ली के जंत-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन पर अपने विचार रखे।
दक्षिण मुंबई के वाई. बी. चव्हाण सेंटर सभागार में यह पुस्तक विमोचन कार्यक्रम हो रहा था। इसी कार्यक्रम के दौरान जब राज ठाकरने मंच से संबोधन करने लगे तो उन्होंने खुलकर
कॉकरोच जनता पार्टी
के प्रदर्शन पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'जिन्हें कॉकरोच कहा जा रहा है, वे 16-17 साल के बच्चे हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज को भी मुगलों ने 'चूहा' कहा था। आज के युवाओं को आप कॉकरोच कह रहे हैं।'
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कॉकरोच को लेकर क्या कहा?
राज ठाकरे ने कहा कि इतिहास में भी महान व्यक्तित्वों को अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया, लेकिन इससे उनका योगदान कम नहीं हुआ। हालांकि, उन्होंने छात्रों और युवाओं को कॉकरोच बुलाए जाने पर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं को कॉकरोच कहा जा रहा है, वे 16-17 साल के बच्चे हैं और उनके लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा?
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी अपने भाषण में छात्र आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं को कुछ लोगों ने कॉकरोच कहकर संबोधित किया था, उन्हीं युवाओं ने अपनी एकजुटता से सत्ता को झुकने पर मजबूर कर दिया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि युवाओं की आवाज और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। उन्होंने आगे कहा कि युवा पीढ़ी, विशेषकर जेन-जी, ने अपने अधिकारों के लिए सफल संघर्ष किया। इसके बावजूद बीजेपी समर्थक और कुछ वरिष्ठ नागरिक सोशल मीडिया पर युवाओं, खासकर लड़कियों, को निशाना बना रहे हैं।
बीजेपी पर किया हमला
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि बीजेपी की राजनीति यूज एंड थ्रो (इस्तेमाल करो और फेंक दो) की रही है। उन्होंने शिवसेना का इस्तेमाल सत्ता में आने के लिए किया और बाद में उसे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने सत्ता हासिल करने के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल किया और अब सत्ता में आने के बाद उन्हें भी किनारे कर अयोध्या के राम मंदिर को लूटने का काम कर रही है।
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परिसीमन पर क्या कहा?
इन दिनों परिसीमन विधेयक को लेकर भी चर्चा चल रही है। उद्धव ठाकरे ने इस प्रस्तावित विधेयक की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बीजेपी देशभर में राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल कर विपक्षी दलों को तोड़ रही है क्योंकि वह संविधान में बदलाव कर परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक लागू करना चाहती है। ठाकरे ने यह भी सवाल उठाया कि संसद में सांसदों की संख्या बढ़ाने का क्या औचित्य है, जब देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि देश में सबसे पहले युवाओं को रोजगार, किसानों को राहत और आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए।