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अशोक गहलोत की सरकार में मंत्री रहे महेश जोशी फिर गिरफ्तार, क्या है JJM घोटाला?

राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार में मंत्री रहे महेश जोशी को अब एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले वह 7 महीने जेल में रहे थे।

Mahesh Joshi With Ashok Gehlot

अशोक गहलोत के साथ महेश जोशी, Photo Credit: Social Media

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राजस्थान में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे महेश जोशी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) में 900 करोड़ रुपए के कथित घोटाला मामले में  की है। एसीबी के अधिकारियों ने इस संबंध में जानकारी सार्वजनिक की। इससे पहले भी महेश जोशी 7 महीने तक जेल में रहकर आए हैं। जेल से रिहा होने के चार महीने बाद अब उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है। 

 

अधिकारियों के अनुसार,  कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे जोशी को गुरुवार तड़के जयपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। एसीबी के प्रवक्ता के अनुसार,  विशेष जांच दल (एसआईटी) सुबह करीब पांच बजे जोशी के आवास पर पहुंची और 'जल जीवन मिशन' के से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में उन्हें हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्हें एसीबी दफ्तर ले जाया गया जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 

पहले ईडी ने किया था गिरफ्तार

इससे पहले अप्रैल 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इसी कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान उनकी पत्नी की तबियत खराब थी और फिर उनका निधन भी हो गया। पत्नी के निधन के दौरान उन्हें 4 दिन की अंतरिम जमानत मिली और वह जेल से बाहर आए थे लेकिन बाद में फिर उन्हें जेल भेजा गया था। वह करीब सात महीने तक जेल में रहे जिसके बाद दिसंबर में हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।

महेश जोशी पर क्या आरोप लगे?

एसीबी के अनुसार, जोशी पर आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन मंत्री के तौर पर अपने पद का दुरुपयोग किया और टेंडर देने के बदले रिश्वत ली। एसीबी ने 2024 के अंत में पूर्व मंत्री और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इस मामले में अधिकारियों और ठेकेदारों सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि तीन अन्य अब भी फरार हैं। एसीबी को उन तीनों की भी तलाश है और जल्द उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है। 

क्या है पूरा मामला?

राजस्थान की पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान जल जीवन मिशन योजना के तहत करोड़ों रुपये का घोटाला होने का आरोप है। इस मामले में कथित तौर पर चहेती कंपनियों को मनमाने तरीके से करोड़ों रुपये के टेंडर दिए गए थे और जो कंपनियां फर्जी थी उन्हें भी टेंडर जारी करते हुए करोड़ों रुपये का एजवांस पेमेंट कर दिया गया था। सितंबर 2003 में पहली बार यह घोटाला सामने आया जब एसीबी ने इस मामले में कुछ अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया था। इस मामले में राजस्थान बीजेपी के नेता डॉ. किरोड़ी लाल मीणा  ने कई डॉक्यूमेंट ईडी के सामने पेश किए थे। 

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