श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक बुधवार को अयोध्या में करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक में राम मंदिर निर्माण की प्रगति, ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक का सबसे बड़ा फैसला डॉ. कृष्ण मोहन को फिलहाल ट्रस्ट के महासचिव का कार्यभार सौंपने का रहा। नियमित महासचिव की नियुक्ति पर फिलहाल अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले आदेश तक डॉ. कृष्ण मोहन ट्रस्ट के महासचिव का कार्यभार संभालेंगे। ट्रस्ट का मानना है कि इससे प्रशासनिक कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी और मंदिर से जुड़े विभिन्न कार्य तय समय पर पूरे किए जा सकेंगे। नियमित महासचिव की नियुक्ति को लेकर बाद में अलग से निर्णय लिया जाएगा।
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निर्माण कार्य और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर हुई चर्चा
बैठक में राम मंदिर निर्माण के शेष कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही मंदिर परिसर के विकास, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और ट्रस्ट के संगठनात्मक विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में लिए गए अन्य निर्णयों की आधिकारिक जानकारी ट्रस्ट की ओर से बाद में जारी की जाएगी।
बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि, डॉ. कृष्ण मोहन, महंत दिनेंद्र दास जी, स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ जी महाराज, परमानंद जी महाराज और पद्मश्री स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती सहित ट्रस्ट के अन्य सदस्य और संत उपस्थित रहे।इसके अलावा अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, केंद्रीय सचिव प्रसाद लोखंडे उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े और विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर अपने सुझाव दिए।
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देशभर के श्रद्धालुओं की रही नजर
राम मंदिर ट्रस्ट की इस बैठक पर देशभर के श्रद्धालुओं और संत समाज की नजरें टिकी हुई थीं। डॉ. कृष्ण मोहन को महासचिव का कार्यभार सौंपे जाने के फैसले को ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब ट्रस्ट की अगली आधिकारिक घोषणा और मंदिर परिसर के आगामी विकास कार्यों को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है।