तेजस्वी यादव, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर नियुक्त हुए हैं। लालू यादव, अभी पार्टी के अध्यक्ष बने रहेंगे। रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव के कार्यकारी अध्यक्ष बनने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पार्टी में लालू राज के खात्मे का इशारा किया और कहा है कि सियासत के शिख शिखर पुरुष की गौरवशाली पारी का पटाक्षेप हो गया है। उन्होंने कहा कि अब ठकुरसुहाती करने वाले और घुसपैठिए गिरोहियों के हाथों कठपुतली बने शहजादे की ताजपोशी हो गई है।
राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह सर्वसम्मति से तय हुआ कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अब तेजस्वी यादव होंगे। रविवार को हुई बैठक में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने खुद अपने बेटे तेजस्वी यादव को यह नियुक्ति पत्र सौंपा। तेजस्वी यादव की मां राबड़ी देवी भी वहां मौजूद रहीं।
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क्यों आरजेडी के लिए नया है यह पद?
राष्ट्रीय जनता दल में पहले कार्यकारी अध्यक्ष का पद नहीं था। अब नया पद सृजित किया गया है। अब तेजस्वी यादव को यह जिम्मेदारी मिली है। माना जा रहा है कि अब तेजस्वी यादव ही लालू यादव के सारे फैसले लेंगे, अब लालू यादव बैकडोर की राजनीति करेंगे।
क्यों किया गया है यह बदलाव?
RJD अब नई पीढ़ी को आगे लाना चाहती है। तेजस्वी यादव अभी 36 साल के हैं। उन्हें पार्टी में अहम ताकत मिली है। आरजेडी की राजनीति पर नजर रखने वाले लोग बताते हैं कि यह एक तरह से जनरेशनल शिफ्ट है। यानी पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी की तरफ सत्ता का हस्तांतरण हो रहा है।
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क्यों दोबारा संगठन को मजबूत करने की कोशिश हो रही है?
2025 के बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। महागठबंधन चुनाव हार गया था। आरजेडी को 25 सीटों पर जीत मिली, जबकि 143 सीटों पर पार्टी ने उम्मीदवार उतारे थे।
रोहिणी आचार्य:-
सियासत के शिखर पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप, ठकुरसुहाती करने वालों और 'गिरोह-ए-घुसपैठ' को उनके हाथों की 'कठपुतली बने शहजादा' की ताजपोशी मुबारक।
बहन को नहीं रास आई भाई की ताजपोशी
रोहिणी आचार्य ने कहा, 'जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी, वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गई पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक और आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष एवं प्रयासों का गौरवबोध होगा, जिसे लालू जी की राजनीतिक विरासत व् विचारधारा को गर्व के साथ आगे ले जाने की परवाह होगी, वह अवश्य ही पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेवार लोगों से सवाल करेगा एवं ऐसे लोगों की संदिग्ध संदेहास्पद भूमिका के खिलाफ अंजाम की परवाह किए बिना अपनी आवाज उठाएगा।
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रोहिणी ने लगाया पार्टी के हाइजैक होने का आरोप
रोहिणी आचार्य ने कहा, 'वर्तमान की कड़वी, चिंताजनक एवं दुःखद सच्चाई यही है कि आज जनता के हक और हुकूक की लड़ाई लड़ने के लिए जानी जाने वाली, जन-जन की पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों के द्वारा भेजे गए वैसे घुसपैठियों और साजिशकर्ताओं के हाथों में है, जिन्हें लालूवाद को तहस-नहस करने के टास्क के साथ भेजा गया है, कब्जा जमाए बैठे ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल होते भी दिखते हैं।'
रोहिणी आचार्य ने कहा, 'नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे को सवालों से भागने, सवालों से बचने, जवाब देने से मुंह चुराने, तार्किक, तथ्यात्मक जवाब देने की बजाए भ्रम फैलाने, लालूवाद और पार्टी की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र आचरण, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने की बजाए अपने गिरेबान में झांकना होगा और अगर वह चुप्पी साधता है तो उस पर साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष व् आरोप स्वतः ही साबित होता है।'