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'झंडे में अमित शाह की फोटो लगा ली?' DMK ने AIADMK से पूछा सवाल

तमिलनाडु में AIADMK नेता संघ प्रमुख के साथ RSS के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम के बाद से तमिलनाडु की राजनीति में घमासान मचा हुआ है।

RSS Chief and Aiadmk leader

संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ एसपी वेलुमणि । Photo Credit: PTI

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तमिलनाडु के कोयंबटूर में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और पेरूर रामासामी आदिगलर के शताब्दी समारोह में ऑल इंडिया अन्‍ना द्रविड़ मुन्‍नेत्र कड़गम (AIADMK) के शामिल होने को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। इस समारोह में RSS प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे। सत्तारूढ़ डीएमके ने द्रविड़ विचारधारा को त्यागकर RSS के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए AIADMK की आलोचना की है।

 

संघ प्रमुख मोहन भागवत एक विशेष पूजा में शामिल हुए और बाद में एक जनसभा को भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम के दौरान AIADMK के पूर्व मंत्री एडप्पादि पलानीस्वामी के करीबी सहयोगी एसपी वेलुमणि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई के बगल में पहली लाइन में बैठे थे। इससे एक दिन पहले ही आरबी उदयकुमार और कदम्बुर सी राजू सहित AIADMK के कई बड़े नेताओं ने मदुरै जिले में BJP समर्थित एक हिंदू संगठन मुन्नानी के सम्मेलन में भाग लिया था। मुन्नानी ने यह सम्मेलन तमिल देवता भगवान मुरुगन के लिए किया था। इन दोनों आयोजनों में एआईएडीएमके नेताओं के हिस्सा लेने से सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके लगातार आलोचना कर रही है। हालांकि, मुरुगन सम्मेलन में हिस्सा लेने पर AIADMK ने कहा कि उन्होंने मुरुगन सम्मेलन में पारित प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया और RSS के कार्यक्रम में भाग लिया क्योंकि उन्हें निमंत्रण आया था।

 

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DMK के  AIADMK से तीखे सवाल

22 जून को भी एक सम्मेलन हुआ था जिसमें आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कई BJP नेताओं के साथ हिस्सा लिया था। इस आयोजन में कथित तौर पर तमिलनाडु के द्रविड़ नेताओं पेरियार और अन्नादुरई की आलोचना की गई। इस आयोजन पर भी DMK हमलावर है और DMK सरकार में मंत्री एस रेगुपति ने AIADMK से पूछा, 'क्या आपने अपने झंडे में अन्नादुरई की जगह अमित शाह को रख लिया है?'

 

DMK के आरएस भारती ने याद दिलाया कि AIADMK के संस्थापक एमजी रामचंद्रन ने 1980 में हिंदू मुन्नानी की निंदा की थी। आरएस भारती ने कहा, 'AIADMK के महासचिव पलानीस्वामी द्रविड़म नाम का झंडा उठाते हैं लेकिन इस सम्मेलन को बधाई देते हैं जो द्रविड़वाद को खत्म करने के लिए है। क्या उन्हें नहीं पता कि द्रविड़वाद खत्म हुआ तो AIADMK भी खत्म हो जाएगी?' उन्होंने कहा कि तमिलनाडु भारत का एकमात्र राज्य है जो BJP की सांप्रदायिक राजनीति को जगह नहीं देता।

 

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AIADMK ने क्या कहा?

DMK नेता तमिलनाडु में BJP का विरोध करते रहे हैं। BJP और AIADMK के बीच आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन हुआ है और BJP के साथ-साथ RSS भी तमिलनाडु में एक्टिव हो चुकी है। ऐसे में AIADMK और BJP के नेता कई आयोजनों में एक साथ आए हैं। DMK नेताओं के हमलों पर AIADMK नेता वेलुमणि ने कहा कि वे कोयंबटूर के पेरूर शैव मठ के निमंत्रण पर RSS आयोजन में गए थे। 

 

उन्होंने कहा, 'DMK अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे बयान दे रही है।' AIADMK ने मुरुगन सम्मेलन में अपने नेताओं की भागीदारी पर कहा कि वे भक्त के रूप में गए थे और न तो सम्मेलन के प्रस्तावों का समर्थन करते हैं और न ही द्रविड़ नेताओं की आलोचना को। BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कहा कि DMK को जलन है क्योंकि मुरुगन सम्मेलन में 5 लाख लोग आए और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा, 'DMK हार के डर से बकवास कर रही है।'


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