उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान जो हिंसा भड़की थी, उस मामले में स्थानीय अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। संभल की चंदौसी की कोर्ट ने पूर्व सर्कल ऑफिसर (सीओ) अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।
यह आदेश चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर ने 9 जनवरी को दिया था। बताया जा रहा है कि कोर्ट के इस आदेश को पुलिस चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
कोर्ट ने यह आदेश संभल हिंसा में घायल एक व्यक्ति के पिता की याचिका पर सुनाया है। पिता ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके बेटे को गोली मारी थी। उनकी याचिका पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने 7 दिन के भीतर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफFIR दर्ज कर उसकी कॉपी अदालत में जमा करने को कहा है।
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क्या है पूरा मामला?
संभल की जामा मस्जिद को लेकर विवाद के बाद 19 नवंबर 2024 को मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया गया था। 24 नवंबर 2024 को जब मस्जिद का दूसरा सर्वे हो रहा था, तब यहां हिंसा भड़क गई थी।
खग्गू सराय मोहल्ले के रहनेव वाले यामीन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनका 24 साल का बेटा आलम 24नवंबर को पापड़ बेचने निकला था। तभी शाही जामा मस्जिद के पास पुलिसकर्मियों ने उसे गोली मार दी थी।
उनके वकील चौधरी अख्तर हुसैन ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि आलम ने पुलिस से छिपकर अपना इलाज करवाया था।
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कोर्ट के आदेश को चुनौती देगी पुलिस
शिकायतकर्ता यामीन ने अपनी याचिका में संभल के तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और एसएचओ अनुज तोमर समेत 10 से 12 पुलिस वालों को आरोपी बनाया था। उनका आरोप था कि उनके बेटे को पुलिस ने गोली मारी थी।
इस मामले में चंदौसी की स्थानीय अदालत ने 9 जनवरी को फैसला सुनाया था। कोर्ट ने सभी आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।
संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने PTI को बताया कि पुलिस कोर्ट के आदेश को चुनौती देगी। उन्होंने कहा कि आदेश के खिलाफ एक अपील दायर की जाएगी। FIR दर्ज नहीं होगी, क्योंकि इस मामले में पहले ही न्यायिक जांच हो चुकी है।
अनुज चौधरी इस वक्त फिरोजाबाद में एएसपी (रूरल) के पद पर तैनात हैं, जबकि अनुज तोमर अब संभल में चंदौसी कोतवाली के एसएचओ हैं।
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संभल में क्या था पूरा विवाद?
संभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर विवाद है। हिंदू पक्ष ने यहां हरिहर मंदिर होने का दावा किया था। 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष ने मस्जिद में मंदिर होने का दावा ठोका था। उसी दिन संभल के सिविल जज (सीनियर डिविजन) ने एडवोकेट कमिश्नर को शाही जामा मस्जिद का सर्वे करने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश पर एक टीम पहुंची और मस्जिद का सर्वे किया। भीड़ तो जुटी लेकिन तनाव नहीं बढ़ा। 24 नवंबर को जब मस्जिद के दूसरे सर्वे के लिए टीम फिर पहुंची तो यहां हिंसा भड़क गई। पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने आ गए। इस हिंसा में 5 लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
इस हिंसा के मामले में कुल 12 FIR दर्ज की गईं। इनमें कई राजनीतिक हस्तियों सहित 2,200 से ज्यादा लोगों के नाम शामिल हैं।