स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने चंडीगढ़ के सेक्टर 8-सी में पीएम विश्वकर्मा प्रदर्शनी का आयोजन किया। यह प्रदर्शनी पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों को दिखाने और बेचने के लिए एक खास मंच प्रदान करती है।
यह प्रदर्शनी 12 जुलाई 2026 से 14 अगस्त 2026 तक आयोजित की जा रही है। इससे कारीगरों को अपने पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित करने, ग्राहकों से जुड़ने और अपनी कारीगरी के लिए नए बाजार खोजने का एक लंबा मौका मिल रहा है।
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इस प्रदर्शनी का उद्घाटन एसबीआई RBO-4 चंडीगढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक विनीत कुमार ने किया। इस मौके पर कुमार ने पारंपरिक कारीगरों के कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार की प्रमुख पहलों का समर्थन करने के प्रति एसबीआई की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
क्या है इस योजना का लक्ष्य?
भारत सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना एक अहम पहल है, जिसका मकसद पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत करना है। यह योजना कौशल विकास, आधुनिक उपकरण, रियायती ऋण, डिजिटल प्रोत्साहन और मार्केटिंग सहायता के ज़रिए कारीगरों को पूरी मदद देने की कोशिश करती है, ताकि वे अपने कारोबार का विस्तार कर सकें और अपनी आय बढ़ा सकें।
यह प्रदर्शनी भाग लेने वाले कारीगरों को पारंपरिक स्थानीय बाजारों से आगे बढ़कर सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का एक अहम मौका देती है। आने वाले लोग कुशल कारीगरों द्वारा तैयार किए गए कई तरह के उत्पाद देख और खरीद सकते हैं, जिससे सीधे उनकी आजीविका में योगदान मिलता है।
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एसबीआई के अधिकारियों ने भाग लेने वाले कारीगरों से बातचीत भी की और उन्हें उनके उद्यम से जुड़ी गतिविधियों में मदद के लिए उपलब्ध विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं और वित्तीय सेवाओं के बारे में जानकारी दी। यह पहल वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार, उद्यमशीलता और टिकाऊ आजीविका के निर्माण के प्रति एसबीआई की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
इस तरह की प्रदर्शनियां भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन कारीगरों के लिए टिकाऊ आर्थिक अवसर पैदा करने में अहम भूमिका निभाती हैं, जो इन पारंपरिक कौशलों को बचाए रखते हैं। 'वोकल फॉर लोकल' के लिए एक मंच प्रदान करके, यह पहल ग्राहकों को स्वदेशी कारीगरी और स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
कारीगरों को सशक्त बनाने का लक्ष्य
इसलिए एसबीआई RBO-4 चंडीगढ़ द्वारा आयोजित पीएम विश्वकर्मा प्रदर्शनी केवल बिक्री का मंच नहीं है, बल्कि कारीगरों को सशक्त बनाने, पारंपरिक कारीगरी को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर उद्यमशीलता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम भी है। यह भारत सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत' के विजन के अनुरूप है।