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चमोली में सुरंग में घुसा पानी और मलबा, 22 मजदूर फंसे; 18 को बचाया गया

उत्तराखंड के चमोली जिले टीएचडीसी इंडिया सुरंग में भूस्खलन के बाद पानी और मलबा भरने से छह मजदूर फंस गए। अभी तक 16 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

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चमोली में सुरंग में घुसा पानी। (Photo Credit: Chamoli District Administration)

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उत्तराखंड के चमोली जिले में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (THDC) की सुरंग में भूस्खलन के बाद पानी और मलबा भरने से 22 मजदूर फंस गए। अभी तक 18 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। यह निर्माणाधीन सुरंग चमोली जिले के पिपलकोटी में बन रही है।

 

पुलिस के मुताबिक गुरुवार की शाम लगभग सात बजे पानी और मलबा अचानक घुसने लगा। उस वक्त सुरंग में 22 मजदूर थे। अचानक पानी आने से सभी मजदूर अंदर फंस गए। अभी तक 18 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

 

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सीएम की निगरानी में चल रहा बचाव अभियान

उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राजधानी देहरादून में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यालय से लगातार बचाव अभियान की समीक्षा कर रहे हैं। बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। अभी तक सकुशल बचाए गए मजदूरों को एंबलेंस से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। 

 

मशीन लोडर अंदर फंसा

टीएचडीसी के प्रोजेक्ट हेड अजय वर्मा ने बताया कि अब तक मिली जानकारी के मुताबिक वहां कुल 22 लोग काम कर रहे थे। हमारी टीमें बाकी चार-पांच लोगों को बचाने के लिए अंदर गई हैं। जो मशीन लोडर हमने भेजा था, वह पानी में फंसकर खराब हो गया, इसलिए हम किसी और तरीके से उनकी मदद के लिए कुछ भेज रहे हैं। 

सीएम ने बताया- अचानक मिट्टी और मलबा गिरा

पीएम धामी ने बताया कि पिपलकोटी के पास बिरही नदी पर बन रही सुरंग के अंदर काम करते वक्त मजदूरों पर ऊपर अचानक मिट्टी और मलबा आ गिरा। इसके कारण कुछ लोग अंदर फंस गए। अब तक 18 लोगों को बचाया जा चुका है। बचाए गए लोगों में से कुछ घायल हैं और उन्हें पिपलकोटी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां उनका इलाज चल रहा है और हमने बड़े मेडिकल सेंटरों से भी सलाह ली है। ऋषिकेश में भी तैयारियां पूरी हैं; ज़रूरत पड़ने पर इमरजेंसी हेली-लिफ्ट या श्रीनगर के बेस हॉस्पिटल में ट्रांसफर करने का इंतजाम किया गया है। 

 

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चार मजदूरों को आई अधिक चोट

सीएम ने बताया कि तीन या चार लोगों को अधिक गंभीर चोटें आई हैं और उन सभी का इलाज चल रहा है। हमारी प्राथमिकता सभी को जल्द से जल्द बचाना है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। 

 

सीएम धामी ने आगे कहा, 'मैंने पिपलकोटी अस्पताल में भर्ती घायल मजदूरों से बात की, उनकी हालत स्थिर है। मैंने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को भी जानकारी दी है कि घायल वहां के लोगों का इलाज चल रहा है।' उधर, प्रशासन ने बताया कि बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। जोशीमठ से गढ़वाल स्काउट्स के 20 जवानों को घटनास्तल पर भेजा गया। टीम जरूरी उपकरणों और डॉग स्क्वाड से लैस है। राहत एवं बचाव टीम में जुटी अन्य टीमों के साथ मिलकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।


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