logo

मूड

ट्रेंडिंग:

श्रावणी मेला: बिहार में शिवमय पथ और ड्रोन शो, कांवड़ियों के लिए क्या है तैयारी?

बिहार में श्रावणी मेले की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी मेले को लेकर पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात की थी, जिसमें तैयारियों का जायजा लिया।

Shravani Mela

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Gemini

शेयर करें

google_follow_us

बिहार सरकार ने श्रावणी मेला 2026 को अधिक भव्य बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने गुरुवार को विभागीय अधिकारियों के साथ  बैठक की थी, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भागलपुर, मुंगेर और बांका के जिला प्रशासन के साथ समीक्षा की गई। बैठक में मेले की तैयारियों का जायजा लिया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

 

इस बैठक में नंदकिशोर, उदयन मिश्रा, हिमांशु शर्मा, चंदन चौहान सहित पर्यटन विभाग और संबंधित एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सचिव ने बताया कि श्रावणी मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होगा। मेले के दौरान सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ धाम से लेकर बिहार-झारखंड सीमा के दुम्मा तक श्रद्धालु यात्रा करेंगे। इस कांवरिया पथ को 'शिवमय' स्वरूप दिया जाएगा। रास्ते को और सुंदर बनाने के लिए प्रवेश द्वारों पर विशेष लाइटिंग और सजावट की जाएगी।

 

यह भी पढ़ें: घर में बन रही थी ड्रग्स, पुलिस आई तो थर्ड फ्लोर से कूदी अफ्रीकी महिला, हो गई मौत

श्रद्धा के साथ आधुनिक तकनीक का संगम

पर्यटन विभाग इस बार मेले में धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक का भी समावेश करेगा। लोकेश कुमार सिंह ने निर्देश दिया कि प्रमुख पड़ावों और टेंट सिटी में लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जाएं। साथ ही फाउंटेन शो, लेजर शो और ड्रोन शो का भी इंतजाम किया जाए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रावणी मेले की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को प्रदर्शित किया जाएगा। विशेष रूप से सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम के पास स्थापित टेंट सिटी में इन कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर दिया गया है।

कांवरियों के लिए बढ़ेगी आवासीय क्षमता

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार टेंट सिटी की क्षमता बढ़ाई जाएगी। सुल्तानगंज में पहले के 200 बेड की जगह 500 बेड की व्यवस्था होगी। बांका जिले के अबरखा में 600 बेड, पहली बार धौरी में 200 बेड तथा गोड़ियारी में 250 बेड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

 

यह भी पढ़ें: 700 में बनवाए आधार कार्ड और बन गए इंडियन, खुल गई बांग्लादेशी घुसपैठियों की पोल

 

मुंगेर जिले के खैरा और धोबई में 200-200 बेड के अलावा पहली बार असरगंज में 300 बेड, तारापुर में 200 बेड तथा संग्रामपुर में 200 बेड वाले टेंट सिटी विकसित किए जाएंगे। सभी टेंट सिटी में पेयजल, शौचालय, स्नानघर, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा और कांवर स्टैंड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जीविका दीदी की रसोई भी बनेगी आकर्षण

इस बार प्रत्येक टेंट सिटी में जीविका समूह की महिलाओं द्वारा संचालित 'जीविका दीदी की रसोई' की व्यवस्था की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुलभ भोजन उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही पूरे मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा।

 कलाकारों की प्रस्तुति से होगा शुभारंभ और समापन

पर्यटन सचिव ने बताया कि मेले के उद्घाटन और समापन समारोह में राष्ट्रीय स्तर के कलाकार प्रस्तुति देंगे। वहीं, सभी टेंट सिटी में प्रत्येक सोमवार को राज्यस्तरीय कलाकारों तथा अन्य दिनों में जिलास्तरीय कलाकारों के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए जिलों में स्क्रीनिंग समिति गठित कर कलाकारों का चयन करने का निर्देश दिया गया है।

 

यह भी पढ़ें: घर में घुसे बांग्लादेशी चोर, पूरे परिवार को बनाया बंधक, 9 लाख के गहने लेकर भागे

भागलपुर में बनेंगे 25 स्विस कॉटेज

पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भागलपुर में सोनपुर मेले की तर्ज पर 25 स्विस कॉटेज भी विकसित किए जाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

 


और पढ़ें