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MP के सिंगरौली में न्याय मांग रहे परिवार को पुलिस ने घसीटा, आखिर मामला क्या है?

सिंगरौली का गरीब परिवार इंसाफ की उम्मीद में कलेक्टर ऑफिस के बाहर रातभर इंतजार करता था, लेकिन सुबह होते ही पुलिस ने आकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

Singrauli news

घटनास्थल की फोटो। Photo Credit- Social Media

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मध्य प्रदेश के सिंगरौली कलेक्टर ऑफिस में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। इस घटना ने पुलिस के बर्ताव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, यहां एक गरीब परिवार इंसाफ की उम्मीद में कलेक्टर ऑफिस के बाहर रातभर इंतजार करता था। सूबह होते ही इस परिवार को पुलिस ने सबके सामने पीट दिया, पुलिस ने परिवार को वहां से हटाने के लिए घसीटा।

 

इस घटना पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। कसार गांव के रहन वाले संतराम शाह का परिवार न्याय मांगने के लिए सड़क किराने पूरी रात बाहर फुटपाथ पर बिताने के बाद कलेक्टर ऑफिस पहुंचा था।

 

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पूरा मामला क्या है?

संतराम ने आरोप लगाया कि 28 नवंबर की रात को गांव के सरपंच ने उनकी गेहूं की फसल उखाड़ने के लिए JCB मशीन भेजी और उनकी जमीन पर बिना इजाजत सड़क बनवानी शुरू कर दी। इस गुंडागर्दी के बाद महिलाओं और छोटे बच्चों सहित परिवार न्याय मांगने के लिए तुरंत गांव छोड़कर जिला हेडक्वार्टर पहुंच गया

 

मगर, जैसे ही परिवार अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे, वैसे ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। वायरल वीडयो में साफ दिखाई दे रहा है कि परिवार के एक लड़के को पकड़कर घसीटकर पुलिस जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठा रही है। साथ ही परिवार की महिलाएं मदद के लिए गुहार लगाती और रोती दिख रही हैं, बच्चे चिल्ला रहे हैं, लेकिन पुलिस किसी की नहीं सुनती है।

पीड़ित परिवार के खिलाफ FIR दर्ज

बताया गया है कि जब पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा था, तभी उसी समय बरगवां थाने में उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई। शनिवार को ही केशरी लाल साहू नाम के एक आदमी ने शिकायत दर्ज कराई कि शुक्रवार रात करीब 11:00 बजे, जब वह जगजीवन राम वैश्य के खेत पर सड़क बना रहा था, तो संतराम साहू, सतीश साहू और सुरेश साहू आए, रास्ता रोका, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

 

इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कलेक्ट्रेट कंपाउंड के अंदर परिवार के खिलाफ कार्रवाई की।

 

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सिंगरौली कलेक्टर ने क्या कहा?

जब इस मामले में जॉइंट कलेक्टर संजीव पांडे से पूछा गया तो उन्होंने कहा,'मुझे नहीं पता कि ये लोग पूरी रात यहां थे। कलेक्टर एक मीटिंग में थे और मीटिंग के तुरंत बाद उनसे मिले। मुझे नहीं पता कि उन्हें पुलिस स्टेशन क्यों ले जाया गया।' उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन जांच के लिए परिवार को विवादित जमीन पर ले जा रहा है।

 

इस बीच, सिंगरौली कलेक्टर गौरव बेनल ने इस बात से इनकार किया कि प्रशासन ने परिवार से मिलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि परिवार शुक्रवार को उनसे मिल चुका था और जिस जमीन पर वे दावा कर रहे थे, उस पर गैर-कानूनी कब्जा था। उनके मुताबिक, परिवार ने सरपंच के साथ झगड़े के दौरान गाली-गलौज की थी, और उसी आधार पर FIR दर्ज की गई थी।

 

कलेक्टर ने आगे कहा कि मामले की जांच की जाएगी और कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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