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धर्मस्थल केस: SIT की जांच में अब तक 7 खोपड़ियां बरामद

कर्नाटक के धर्मस्थला में जांच के दौरान एसआईटी को जंगल से 7 इंसानी खोपड़ियां मिली हैं। पुलिस इन खोपड़ियों को सुसाइड समेत कई एंगल से जांच रही है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

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कर्नाटक के धर्मस्थल मामले की जांच में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को घटनास्थल से 7 और लोगों की खोपड़ियां मिलीं हैं। एसआईटी के सूत्रों से पता चला है कि 5 खोपड़ियां बुधवार यानी 17 सितंबर को और दो खोपड़ियां 18 सितंबर को मिली हैं। उनका कहना है कि ये खोपड़ियां करीब 1 साल पुराने लग रही हैं लेकिन जांच के बाद ही कुछ पता चल पाएगा।
 
सूत्रों की माने तो पुलिस अभी मिले कंकाल को सुसाइड से भी जोड़कर देख रही है। पुलिस की टीम, एंटी-नक्सल दल और वन अधिकारियों की मदद से इस जंगल में करीब 12 एकड़ तक जमीन खंगाल लिया गया है।एसआईटी अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं, जहां उन्हें जमीन के अंदर से मानव अवशेष मिले हैं। इस मामले के मुख्य शिकायतकर्ता सी.एन. चिन्नैया को बाद में कई आरोपों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें 18 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया था। अगली पेशी 23 सितंबर को होगी।

 

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इस बीच कर्नाटक हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से इस मामले में कई और जानकारी कोर्ट में पेश करने को कहा है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।  

कैसे सामने आया मामला?

धर्मस्थल मामले में विवाद उस समय खड़ा हुआ जब शिकायतकर्ता सी.एन. चिन्नैया ने दावा किया कि बीते 20 वर्षों में यहां कई शव दफनाए गए हैं। इनमें यौन शोषण की शिकार महिलाओं बॉडी भी शामिल है। इस आरोप ने मंदिर प्रशासन पर सवालियां निशान खड़ा किया। बाद में शिकायतकर्ता को झूठे आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंदिर को निशाना बनाए जाने का विरोध किया था।

 

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राज्य सरकार ने एसआईटी गठित की, जो आरोपों की जांच कर रही है। एसआईटी ने जांच के तहत नेत्रावती नदी के किनारे जंगल क्षेत्रों में खुदाई की। जहां कुछ जगहों पर हड्डियों के कुछ अवशेष मिले। विपक्षी बीजेपी ने मांग की है कि धर्मस्थल के खिलाफ 'साजिश' के पीछे के लोगों को बेनकाब करने के लिए मामले को एनआईए को सौंप दिया जाए।

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