बिहार के सीतामढ़ी में अपराधियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार सुबह बदमाशों ने एक जिला पार्षद प्रतिनिधि की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। वारदात के बाद जब पुलिस जांच के लिए पहुंची तो आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को ही खदेड़ दिया। इस झड़प में आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल हैl 400 से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई है।
यह मामला डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया रामपट्टी गांव का है। मृतक की पहचान बैद्यनाथ महतो के रूप में हुई है। वह जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की पार्षद खुशदील देवी के पति थे l पार्षद प्रतिनिधि के तौर पर क्षेत्र में सक्रिय थे। बताया जाता है कि बैद्यनाथ रोजाना की तरह सुबह करीब 6 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। गांव के बाहर श्मशान घाट के पास बने एक बैठका में वह बैठे हुए थे, तभी दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए चार अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने एक के बाद एक 8 गोलियां महतो के शरीर में उतार दीं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों अपराधी हथियार लहराते हुए फरार हो गए। सुबह-सुबह हुई इस वारदात से पूरे गांव में हड़कंप मच गया और सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए।
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पुलिस पहुंची तो गांव के लोगों ने खदेड़ा
घटना की सूचना मिलते ही डुमरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन वहां पहले से मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही यह हत्या हुई है। इसी आक्रोश में ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और उन्हें खदेड़ दिया।
बताया जाता है कि घटनास्थल पर करीब 400 पुलिस जवानों की मौजूदगी थी, फिर भी उग्र ग्रामीणों के सामने पुलिस को पीछे हटना पड़ा। इस हिंसक झड़प में लगभग आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से एक पुलिसकर्मी की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिले के कई थानों की पुलिस और वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
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28 अगस्त को घर पर हुई थी फायरिंग
इस हत्या के पीछे पुलिस की घोर लापरवाही और निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों के अनुसार यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं है, बल्कि इसकी पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी। परिजनों ने बताया कि 28 अगस्त की रात भी बदमाशों ने महतो के घर पर हवाई फायरिंग की थी। इससे पूरा परिवार दहशत में आ गया था। इसके बाद बैद्यनाथ महतो ने डुमरा थाना में एजाज और त्रिभुवन समेत तीन लोगों पर नामजद FIR दर्ज कराई थी और दो खोखे भी पुलिस को सौंपे थे।
आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस FIR दर्ज करने के बाद भी परिजनों से घटना का वीडियो साक्ष्य मांगती रही। पुलिस के इसी रवैये से नाराज होकर महज चार दिन पहले गांव के लोगों ने डुमरा थाने का घेराव भी किया था और सुरक्षा की मांग की थी, जबकि पुलिस ने कोई कड़े कदम नहीं उठाए। यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो आज बैद्यनाथ जिंदा होते।
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जमीन विवाद में हत्या की आशंका
हत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है लेकिन प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद और पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक का कुछ लोगों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था l इसी विवाद में पहले भी धमकियां मिल रही थीं। 28 अगस्त को हुई फायरिंग के बाद दर्ज FIR में जिन तीन लोगों को नामजद किया गया था, पुलिस अब उन्हीं के इर्द-गिर्द जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वहीं जिला परिषद सदस्य की हत्या से जिले की राजनीति भी गरमा गई है। कई जनप्रतिनिधियों ने इस घटना की निंदा की है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब एक जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी की सुरक्षा कैसे होगी। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया है पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए गांव में पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।