झारखंड के हजारीबाग जिले के एक गांव में हाथियों ने भीषण उत्पात मचाया। अभी तक छह लोगों के मारे जाने की खबर है। हाथियों ने कई घरों में तोड़फोड़ भी की। घटना के बाद से ही ग्रामीणों में खौफ का माहौल है। मृतकों में चार लोग एक ही परिवार से हैं। घटनास्थल पर पहुंचे प्रशासन ने मुआवजा देने की बात कही है।
झारखंड के हजारीबाग जिले के गोंदवार गांव में गुरुवार की आधी रात जंगली हाथियों ने उत्पात मचाया। कई घरों में न केवल तोड़फोड़ की, बल्कि वहां मौजूद लोगों को भी कुचल दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक एक बच्चा सड़क से जा रहा था। हाथियों ने उसे भी कुचलकर मार डाला। घटना के बाद से ही ग्रामीणों में आक्रोश है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 5 हाथियों के झुंड ने गोंदवार गांव के नन्हुटोंगरी टोला में भीषण उत्पात मचाया। छह लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से हाथियों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की, ताकि किसी और को अपनी जान गंवानी न पड़े।
घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे। नुकसान का आकलन किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाथियों ने चरखा, पखल और बुदकु टोली गांवों में भी खूब उत्पात मचाया है।
हजारीबाग से बीजेपी सासंद मनीष जायसवाल ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक इलाके में एक साल में करीब 10 से 15 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेशभर में यह आंकड़ा करीब 37 तक होगा। सांसद ने वन विभाग से उचित व्यवस्था करने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
ग्रामीणों ने क्या बताया?
गोंदवार गांव के रहने वाले रोहित राम ने बताया कि यह घटना आधी रात की है। एक बच्चा सड़क पर चल रहा था। उसकी भी मौत हो गई है। कुल छह लोगों को हाथियों ने अपना शिकार बनाया है। इनमें से चार एक परिवार के हैं। बाकी दो लोग का संबंध दूसरे परिवार से है।
उधर, विजय कुमार ने कहा कि हाथियों ने जिस तरह से लोगों के घरों में घुसकर उन्हें कुचला है, यह उनके बर्ताव में बदलाव को दिखाता है। हम इसका हल निकालने के बारे में सोच रहे हैं। इन हाथियों को 'गुंडा' घोषित कर देना चाहिए। यहां पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक की अस्पताल में जान गई है।
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घटना पर एसडीएम आदित्य पांडे ने कहा कि हम मुआवजा तय करेंगे। हमने वन विभाग से बात की है। ऐसी घटना दोबारा न, इसलिए हम जरूरी सावधानी भरे कदम उठाएंगे।