उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में समाजवादी पार्टी के अनुज प्रधान 1000 लड़कियों को साइकिल देने वाले थे। इसके लिए लोनी में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 25 अक्टूबर को रखा गया था, लेकिन इससे पहले पुलिस प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर लगा पंडाल तुड़वा दिया। समाजवादी पार्टी के अनुज प्रधान ने दावा किया कि पुलिस उन्हें थाने ले गई थी, जहां पुलिस ने उन्हें धमकी दी। इसके साथ ही अनुज ने दावा किया कि बीजेपी सरकार या पुलिस चाहे कुछ कर ले, वह 25 अक्टूबर को ही बच्चियों को साइकिल देंगे। इस मामले को लेकर डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम नगर पालिका ने रुकवाया, क्योंकि कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली गई थी।
समाजवादी पार्टी के नेता अनुज ने बताया कि जिन लड़कियों ने 10वीं और 12वीं कक्षा में 75 प्रतिशत नंबर लाए हैं, उन्हें साइकिल देने का फैसला लिया गया। इसी आधार पर 1000 लड़कियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया, जिन्हें साइकिल देनी थी। हालांकि, कार्यक्रम से एक रात पहले कार्यक्रम के टेंट हटा दिए गए। इस मामले को लेकर अनुज प्रधान ने अहम बयान दिया।
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क्या बोले अनुज प्रधान?
इस मामले को लेकर अनुज प्रधान ने कहा, 'हम कई ग्राम पंचायतों में जाते थे, तो देखते थे कि कई बहनें 3 किलोमीटर पैदल स्कूल जाती थीं। हमने सोचा कि क्यों न बहनों के लिए कुछ किया जाए। जिसके बाद हमने बच्चियों को साइकिल देने का फैसला लिया। तो कुल मिलाकर हमने लोनी विधानसभा की 1000 बहनों को साइकिल देने का निर्णय लिया। इसके लिए कार्यक्रम रखा गया और बच्चियों को आमंत्रित किया गया। सभी बच्चियों के लिए साइकिल तैयार की गई।'
इसके बाद अनुज प्रधान ने कहा, 'सब कुछ तैयार था लेकिन पता नहीं किसको कितना दर्द हो गया, जो लोनी की धरती पर जनता के रूप में कोई रावण बैठा है, जिसने प्रशासन भेजवाया था। पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले गई। उस बीच दो कार्यक्रम पंडाल हटा दिए गए।'
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क्या डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ?
इस मामले को लेकर डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी ने कहा, 'यह नगर पालिका से जुड़ा मामला है। कार्यक्रम आयोजित करने के लिए नगर पालिका से अनुमति नहीं ली गई थी और न ही नगर पालिका को जानकारी दी गई थी, इसलिए कार्यक्रम रुकवाया गया।' इसके साथ ही डीसीपी ने बताया कि यह कार्यक्रम पुलिस ने नहीं रुकवाया था।