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'जो मंदिर का धन खाएगा, मल का कीड़ा बनेगा', चंदा विवाद पर भड़के देवकीनंदन ठाकुर

अयोध्या राम मंदिर के लिए दिए गए चंदे को लेकर हुए विवाद पर अब कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है और कड़ी नाराजगी जाहिर की है।

Devkinandan Thakur on Ram Mandir donation controversy

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, Photo Credit: PTI

अयोध्या के राम मंदिर के चंदा गबन के मामले पर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने मंदिर में चढ़ाए गए पैसे में गड़बड़ी की है तो उसे अपनी गलती मानकर तुरंत सारा पैसा वापस कर देना चाहिए। देवकीनंदन ठाकुर ने नाराजगी जाहिर करते हुए यहां तक कह दिया कि जो भी राम मंदिर का धन खाएगा वह मल का कीड़ा बनेगा। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

मध्य प्रदेश के भोपाल दौरे पर पहुंचे देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि वह इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि चोरी हुई है या नहीं लेकिन यदि किसी ने भगवान राम के नाम पर चढ़ाए गए धन का दुरुपयोग किया है तो उसे बिना देर किए धन लौटाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान राम की मर्यादा और मंदिर की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।

 

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देवकीनंदन ठाकुर का पूरा बयान

राम जन्मभूमि दान मामले में SIT के गठन पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, 'आजाद भारत में इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण बात शायद ही कोई हो सकती है। अभी कुछ ही समय पहले हमने भगवान श्रीराम का मंदिर बनवाया और अब उसी से जुड़े ऐसे विवाद सामने आने लगे हैं। यही सबसे बड़ी त्रासदी है। इसी वजह से हम लगातार सनातन बोर्ड बनाने की मांग करते रहे हैं। हमने कहा था कि मंदिरों का प्रबंधन सरकारी अधिकारियों के भरोसे छोड़ना सही तरीका नहीं है। इसमें ऐसे लोगों की भागीदारी होनी चाहिए, जो धर्म और उसके सिद्धांतों को समझते हों।'

 

उन्होंने आगे कहा, 'शास्त्रों में साफ कहा गया है कि जो व्यक्ति मंदिर की संपत्ति का दुरुपयोग करता है, उसे बहुत गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। यहां तक कहा गया है कि जो मंदिर का धन खाता है या चोरी करता है, वह 60 हजार साल तक मल में रहने वाले कीड़े के रूप में जन्म लेता है। जो व्यक्ति सच में इन बातों पर विश्वास करता है और इन्हें समझता है, वह मंदिर के पैसे में से एक रुपया भी लेने की सोच नहीं सकता।'

 

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43 लोगों से पूछताछ, 15 दिन में रिपोर्ट

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारियों की तीन सदस्यीय SIT का गठन किया है। जांच टीम सोमवार को अयोध्या पहुंची और जांच शुरू कर दी। अब तक राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और SBI के कर्मचारियों समेत 43 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। SIT को अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर सरकार को सौंपनी है। इस पूरे मामले पर अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।


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