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मालिक ने नहीं दिया 10 हजार वेतन, नौकर ने पेट्रोल से फूंक दिया 24 करोड़ का सामान

सूरत में एक मालिक ने अपने नौकर को 10 हजार वेतन नहीं दिया तो उसने पेट्रोल से गोदाम में पड़ा 24 करोड़ का सामान ही फूंक दिया।

Saroli Shyam Sangeeni textile market fire

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी विनोद पंडित। Photo Credit- Social Media

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गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत में एक कर्मचारी के आर्थिक शोषण और उसके बाद मालिक के करोड़ों के नुकसान की हैरतअंगज खबर सामने आई है। यहां सूरत के श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट 9 सितंबर को एक कपड़े के गोदाम में भीषण आग लग गई थी। इस आग में करोड़ों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया था।

 

अब इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी की है। आरोपी ने पुलिस के सामने हैरान करने वाला खुलासा किया है। आरोपी विनोद पंडित सावले ने बताया कि उसके मालिक ने उसे 10 हजार वेतन नहीं दिया तो उसने पेट्रोल से गोदाम में पड़ा 24 करोड़ का सामान ही फूंक दिया। उसने यह कदम मालिक से बदला लेने के लिए किया है। 

 

विनोद के मालिक की दुकान संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में थी। इसी दुकान में उसने आग लगाई थी लेकिन मालिक की दुकान के अलावा 14 अन्य दुकानों में भी आग फैल गई और उसमें रखा हुआ 24 करोड़ का सामान जल गया।

 

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150 रुपए का पेट्रोल खरीदकर लाया था

विनोद ने बताया कि वह 150 रुपए का पेट्रोल खरीदकर लाया था और गोदाम के बाहर रखे कपड़ों के पार्सल में आग लगाकर वहां से भाग गया था। उसने बताया कि उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि इससे कई और दुकानदारों का भी करोड़ों का नुकसान हो जाएगा।

अकाउंटेंट के रूप में नौकरी शुरू की

सूरत क्राइम ब्रांच की टीम ने CCTV वीडियो और इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी की पहचान करके उसे गिरफ्तार किया। विनोद ने बताया कि उसने अप्रैल 2026 में श्याम संगिनी मार्केट जे कॉर्प इंडिया और जगदंबा टेक्सटाइल में अकाउंटेंट के रूप में नौकरी शुरू की थी।

 

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30 हजार रुपए की सैलरी मिलती थी

उसे इन दोनों दुकानों से महीने में 30 हजार रुपए की सैलरी मिलती थी। विनोद ने बताया कि मालिक सुमित भाई और हनुमान द्वारका प्रसाद जवेर उसे सही से काम नहीं आने की बात कहकर बहुत परेशान करते थे। इसी से तंग आकर उसने अगस्त में नौकरी छोड़ दी थी। नौकरी छोड़ने पर उसे 20 हजार रुपए ही दिए गए थे।

 

उसने बताया कि उसका तकरीबन 10 हजार रुपए सैलरी रोक ली गई थी। उसने अपने मालिकों से बार-बार बकाया राशि मांगी लेकिन उसे रकम नहीं मिली। इसी बात से गुस्सा होकर उसने मालिकों को सबक सिखाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।

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