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खाने की शिकायतों के बाद एक्शन में CM विजय, अम्मा कैंटीन के लिए जारी हुए नए आदेश

तमिलनाडु के CM सी. जोसेफ विजय ने 'अम्मा कैंटीन' के आधुनिकीकरण का बड़ा आदेश दिया है। कैंटीन में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वाद को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं।

TN CM Vijay orders modernisation of Amma canteens

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय, Photo Credit: PTI

तमिलनाडु सरकार ने राज्यभर में चल रही 'अम्मा कैंटीन' को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अधिकारियों को कैंटीनों की सुविधाएं सुधारने और खाने की गुणवत्ता बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में अम्मा कैंटीन में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वाद को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया।

 

रविवार को मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बिजली उत्पादन, वितरण व्यवस्था और तमिलनाडु इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (TNEB) की वित्तीय स्थिति पर चर्चा हुई। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने अम्मा कैंटीन को लेकर भी अधिकारियों से विस्तृत बातचीत की और जनता को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

 

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620 से ज्यादा कैंटीनों में होंगे बदलाव

फिलहाल चेन्नई नगर निगम के तहत 383 अम्मा कैंटीन संचालित हो रही हैं, जबकि राज्य के अन्य नगर निगमों और नगरपालिकाओं में 237 कैंटीन चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने सभी कैंटीनों की रसोई, भवन और जरूरी उपकरणों को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को साफ-सुथरा, स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण भोजन लगातार मिलना चाहिए। सरकार ने यह भी साफ किया है कि कैंटीनों के नवीनीकरण और उपकरण खरीदने का खर्च संबंधित नगर निगमों और नगरपालिकाओं के सामान्य फंड से उठाया जाएगा।

क्या है अम्मा कैंटीन योजना?

अम्मा कैंटीन, जिसे तमिल भाषा में 'अम्मा उनवगम' के नाम से जाना जाता है। तमिलनाडु सरकार की इस चर्चित जनकल्याणकारी योजना का उद्देश्य गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों को बेहद कम दाम में स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। यहां बहुत ही मामूली कीमत पर खाना परोसा जाता है। जिससे रोज कमाने-खाने वाले लोगों को काफी सहारा मिलता है। कैंटीन में 1 रुपये में इडली, 3 रुपये में दही चावल और 5 रुपये में सांभर चावल, लेमन राइस या करी पत्ता चावल जैसी चीजें मिलती हैं।

 

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अम्मा कैंटीन योजना का इतिहास

'अम्मा कैंटीन' योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2013 को तमिलनाडु में की गई थी। इसे तत्कालीन मुख्यमंत्री और AIADMK प्रमुख जे. जयललिता के जन्मदिन के मौके पर लॉन्च किया गया था। जयललिता को उनके समर्थक स्नेह से 'अम्मा' कहते थे, इसी वजह से इस सरकारी कैंटीन योजना को 'अम्मा कैंटीन' नाम दिया गया। पहले चरण में यह योजना केवल चेन्नई तक सीमित थी लेकिन बाद में इसका विस्तार राज्य के कई अन्य शहरों और छोटे कस्बों में भी किया गया। 2021 में DMK सरकार बनने के बाद भी इस योजना का नाम और संचालन बरकरार रखा गया। अब मुख्यमंत्री विजय भी इस योजना को आगे बढ़ाते हुए कैंटीनों की सुविधाओं और व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दे रहे हैं।


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