महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) बीपीओ में हिंदू लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न, धर्म परिवर्तन और रोजा रखने के मामले ने कॉर्पोरेट जगत में चिंता पैदा कर दी है। मामले की जांच कर रही एसआईटी लगातार खुलासे कर रही है और इसमें शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस बीच एक आरोपी के रिश्तेदार ने दावा किया है कि यह मामला 'स्क्रिप्टेड' है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को बजरंग दल ने साजिश करके पटकथा लिखी है।
रिश्तेदार आरोपी के चाचा लगते हैं। उन्होंने कहा कि मामले के पीछे एक बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा, 'सभी परिवार परेशान हैं। सब कुछ एक साजिश के तहत हो रहा है। बजरंग दल इसमें शामिल है। लड़की के परिवार ने बजरंग दल को फोन किया। जांच के बाद एक व्यक्ति को छोड़ दिया गया और फिर उसे पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर लिया। जो कुछ भी हुआ वह स्क्रिप्टेड था।'
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आरोपी के रिश्तेदार ने क्या कहा?
उन्होंने आगे कहा, 'सभी मुख्य मुद्दों को नजरअंदाज कर दिया गया है और इसके बजाय एक छोटी सी बात को बेवजह हाईलाइट किया गया है। इसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है। यह एक झूठा मामला लगता है, जहां बिना किसी पक्के सबूत के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह कोई बड़ा स्कैंडल नहीं है जैसा दिखाया जा रहा है।'
कोर्ट ने कस्टडी में भेजा
आरोपियों के परिवार से यह एंगल ऐसे समय में आया है जब नासिक की स्थानीय कोर्ट ने गुरुवार को यौन शोषण और जबरदस्ती धर्म बदलने के मामले में दो आरोपियों को 18 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया। बता दें कि एसआईटी ने अब तक टीसीएस नासिक यूनिट में काम करने वाले 9 लोगों को नौ मामलों में गिरफ्तार किया है। इसमें छह पुरुष और एक महिला HR शामिल हैं।
टाटा के मालिक का आया बयान
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने कहा है कि वह उत्पीड़न को लेकर जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी अपनाती है। कंपनी ने बताया है कि इस मामले में आरोपी कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इन आरोपों को बहुत चिंताजनक और परेशान करने वाला बताया है। टाटा कंपनी ने कहा है कि COO आरती सुब्रमण्यम के अंडर भी जांच चल रही है।
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मामले में अबतक क्या हुआ?
मामले में टीसीएस में काम करने वाली 8 लड़कियों ने सामने आकर पुलिस में केस दर्ज करवाया है। मामले में सही और बड़े पैमाने पर जांच करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई है। यही एसआईटी केस की जांच कर रही है।
इन लड़कियों ने अपने सीनियर सहकर्मियों पर मानसिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने दावा किया है कि HR डिपार्टमेंट ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया और कोई कार्रवाई नहीं की। साथ ही जबरदस्ती धर्म बदलने की कोशिश और धार्मिक भावनाओं का अपमान करने का भी आरोप लगाया है।