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'CM ऑफिस तक जुड़े हैं तार', रिशु श्री घोटाले पर तेजस्वी यादव का आरोप

रिशु श्री घोटाले पर तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार पर बड़े अधिकारियों, CM ऑफिस और कई विभागों की मिलीभगत का आरोप लगाया है।

Tejashwi Yadav alleges CM office in Rishu Shree scam

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, Photo Credit: ANI

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रिशु श्री घोटाले को लेकर बिहार की सियासत में भूचाल आ गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि इस पूरे खेल में बड़े अधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोग और कई विभागों की मिलीभगत है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार ED की जांच रिपोर्ट को दबा रही है और चार्जशीट से बड़ी मछलियों के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं। विपक्ष ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि टेंडर आवंटन में कमीशनखोरी और ई-टेंडरिंग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है।

 

आपको बता दें कि रिशु श्री कंस्ट्रक्शन पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भवन निर्माण, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य और जल संसाधन विभाग में सैकड़ों करोड़ के टेंडर हासिल किए। ED ने पिछले साल छापेमारी में करोड़ों की नकदी और संपत्ति के कागजात बरामद किए थे। एसवीयू ने मामले में चार्जशीट दाखिल की है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि इसमें कई बड़े नाम हटाए गए हैं।

 

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तेजस्वी ने उठाए दस बड़े सवाल  

विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि रिशु श्री जैसे एक ठेकेदार को हर विभाग में करोड़ों के टेंडर कैसे मिल गए, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। तेजस्वी ने पूछा कि ED की जांच में जिन वरिष्ठ अधिकारियों और सत्ता संरक्षण की बात सामने आई, उन पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। 

 

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि SVU की चार्जशीट में सिर्फ सात लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। IAS अधिकारियों के नाम चार्जशीट में क्यों नहीं हैं? चार्जशीट से बड़ी मछलियों को किसके कहने पर बचाया गया? तेजस्वी ने सवाल उठाया। उन्होंने मांग की कि पूरे घोटाले की असली राशि सार्वजनिक की जाए और मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की भी जांच हो।

 

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तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में टेंडर आवंटन का पूरा सिस्टम सड़ चुका है। ई-टेंडरिंग में सेटिंग करके एक ही ठेकेदार को काम दिया जा रहा है। कमीशन ऊपर तक जाता है। जिन विभागों में अनियमितताएं हुई हैं, वहां के मंत्रियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि SVU की चार्जशीट में सिर्फ सात नाम ही क्यों हैं, बाकी लोग कहां गए।

सरकार ने साधी चुप्पी

विपक्ष के इन गंभीर आरोपों पर सरकार की तरफ से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भवन निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने सिर्फ इतना कहा कि मामला जांच एजेंसियों के पास है। जो भी दोषी होगा, कार्रवाई होगी। सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

 

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विपक्ष ने मानसून सत्र में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने का ऐलान किया है। RJD सदन से वॉकआउट से लेकर कार्यस्थगन तक का प्रस्ताव लाएगी। उधर, ED और SVU की जांच अभी जारी है। अगर न्यायिक जांच के आदेश हुए तो कई मंत्रियों और बड़े अफसरों की कुर्सी जा सकती है। फिलहाल रिशु श्री घोटाला बिहार की सियासत का सबसे गर्म मुद्दा बन गया है। तेजस्वी के हमले के बाद अब सबकी नजर सरकार के जवाब पर टिकी है।


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