बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में 55 साल के जगतवीर राय की मौत के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। घटना के बाद से अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं। इसी सिलसिले में अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने एलान किया है कि वह बुधवार 25 मार्च को गायघाट थाना इलाके के चोरनिया गांव जाकर परिवार से मिलेंगे। तेजस्वी ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दरोगा ने ही हत्या की है।
मृतक के बेटे अविनाश कुमार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अविनाश का कहना है कि छापेमारी के दौरान उनके पिता (जगतवीर) ने पुलिस टीम को रोकने की कोशिश की जिस पर थाना प्रभारी ने सीधे उनके सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही जगतवीर राय की मौके पर ही मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि यह सीधा हत्या का मामला है।
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तेजस्वी यादव का बड़ा आरोप
मुजफ्फरपुर जाने से पहले तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि छोरानिया गांव में एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या हुई है और इसमें पुलिसकर्मी ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस ही इस तरह की घटनाओं में शामिल होगी तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
तेजस्वी यादव ने कहा, 'लगातार बिहार में अपराध बढ़ता जा रहा है। एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या कर दी गई है और हत्या करने वाला थानेदार था। सुनने में तो आ रहा है कि शराब पीकर उन्होंने गोली मारी है। पुलिस पूरी तरह से फेल हो चुकी है।'
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क्या है पूरा मामला?
यह घटना मंगलवार, 17 मार्च देर रात की बताई जा रही है। पुलिस टीम POCSO ऐक्ट के एक आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए चोरनिया गांव पहुंची थी। टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी राजा सिंह कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी किसी अन्य के घर में छिपा हुआ था। इसी दौरान गांव में भीड़ जमा हो गई और पुलिस टीम के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
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पुलिस का कहना है कि भीड़ ने उन्हें घेरकर हमला किया, जिसके बाद आत्मरक्षा में फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस के मुताबिक, गोली हवा में चलाई गई थी लेकिन उसी दौरान एक गोली जगतवीर राय को लग गई। इस घटना में थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। वहीं, मृतक के परिजन का दावा है कि पुलिस ने सीधे निशाना बनाकर गोली चलाई, जिससे उनकी मौत हुई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।