चुराह उपमंडल को पांगी घाटी से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पर मंगलवार शाम हुई ताजा बर्फबारी के बाद यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। साच पास में शाम करीब पांच बजे से शुरू हुई बर्फबारी देर रात तक जारी रही। लगातार बर्फ गिरने के कारण सड़क पर करीब 5 से 6 इंच तक नई बर्फ जम गई है। इसके साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। इस सीजन में साच पास पर यह तीसरी बर्फबारी बताई जा रही है।
ताजा बर्फबारी के बाद बैरागढ़ से किलाड़ की ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। साच पास होकर गुजरने वाला यह मार्ग पांगी घाटी को चंबा जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। मार्ग अवरुद्ध होने से फिलहाल पांगी घाटी का सीधा सड़क संपर्क चंबा की ओर से कट गया है। खराब मौसम और सड़क पर बर्फ की मोटी परत के कारण वाहन चालकों के लिए इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है।
शाम होते ही बदला मौसम
दिन के समय मौसम सामान्य रहने के बाद शाम के समय साच पास और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक मौसम ने करवट ली। करीब पांच बजे से बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। देखते ही देखते सड़क और आसपास की पहाड़ियां सफेद चादर से ढकने लगीं। देर रात तक रुक-रुककर बर्फ गिरती रही। लगातार बर्फबारी के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ गई और वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार साच पास में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता है। थोड़े समय में ही यहां बर्फ की परत बढ़ जाती है और सड़क पर वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इस बार भी शाम से शुरू हुई बर्फबारी ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया।
तीसरी बार बर्फ की सफेद चादर
साच पास ने इस वर्ष तीसरी बार बर्फ की सफेद चादर ओढ़ी है। इससे संकेत मिल रहा है कि ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है। हर बार बर्फबारी के बाद सड़क पर यातायात बहाल करने में मौसम सबसे बड़ी चुनौती बनता है। यदि आगे भी बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा तो मार्ग को सामान्य करने में अतिरिक्त समय लग सकता है। साच पास क्षेत्र में बर्फबारी का असर केवल सड़क यातायात तक सीमित नहीं रहता। यहां तापमान में अचानक गिरावट आने के साथ सड़क पर जमी बर्फ और फिसलन दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा देती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करने की सलाह दी जाती है।
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पांगी घाटी के लिए अहम है यह सड़क
बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पांगी घाटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। साच पास पार कर यह सड़क पांगी को चुराह और आगे चंबा जिला मुख्यालय से जोड़ती है। पांगी घाटी भौगोलिक रूप से दुर्गम और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र में स्थित है। ऐसे में सड़क संपर्क का बाधित होना स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। सड़क बंद होने से पांगी की ओर जाने वाले यात्रियों और चंबा की तरफ आने वाले लोगों को फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा। आवश्यक सामान की आवाजाही, स्थानीय परिवहन और अन्य दैनिक गतिविधियां भी सड़क बहाली पर निर्भर रहती हैं। लंबे समय तक मार्ग बंद रहने की स्थिति में घाटी के लोगों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
पर्यटकों और वाहन चालकों को सतर्क रहने की जरूरत
साच पास में बर्फबारी शुरू होने के बाद पर्यटकों और निजी वाहन चालकों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। बर्फ से ढकी सड़क पर वाहन चलाने से फिसलन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा मौसम अचानक खराब होने की स्थिति में रास्ते में फंसने की आशंका भी रहती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम साफ होने और सड़क पूरी तरह बहाल होने तक साच पास की तरफ अनावश्यक सफर न करें। विशेष रूप से बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वाहन चालकों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
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सड़क बहाली के लिए मौसम खुलना जरूरी
बैरागढ़-किलाड़ मार्ग पर यातायात बहाल करने के लिए सबसे पहले मौसम का साफ होना जरूरी है। बर्फबारी रुकने के बाद सड़क से बर्फ हटाने का कार्य किया जा सकेगा। हालांकि यदि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिर से बर्फबारी होती है तो बहाली कार्य प्रभावित हो सकता है। स्थानीय स्तर पर भी लोगों की नजर अब मौसम के अगले रुख पर टिकी हुई है। यदि मौसम खुलता है तो संबंधित विभाग सड़क से बर्फ हटाकर यातायात बहाल करने की दिशा में काम शुरू कर सकते हैं। फिलहाल यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक जोखिम न उठाने की सलाह दी गई है।
मौसम बिगड़ा तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें
साच पास में सीजन की तीसरी बर्फबारी के बाद पांगी घाटी के लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। अक्टूबर की शुरुआत में ही ऊंचाई वाले मार्ग पर बार-बार बर्फबारी होने से आने वाले दिनों में यातायात व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है। यदि बर्फबारी का दौर आगे भी जारी रहता है तो साच पास से गुजरने वाला मार्ग बार-बार अवरुद्ध होने की संभावना बनी रहेगी। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और सड़क को सुरक्षित तरीके से बहाल करना है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने तथा बिना जरूरी काम के साच पास की ओर न जाने की अपील की है। सड़क खुलने तक पांगी की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक स्थिति और प्रशासन की अगली सूचना का इंतजार करना होगा।