उत्तर प्रदेश के मुजफ्फपुर में साइबर थाना पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर बोगस कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी अंजाम देने का आरोप है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी ई-वे बिल बनाकर 42 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की है। पुलिस के मुताबिक एक आरोपी 5वीं पास है।
एक साथी ने एलएलबी कर रखी है। 5वीं पास आरोपी के दोनों साथी अकाउंटिंग और जीएसटी का काम देखते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहल्ला मल्हूपुरा निवासी मोनिस अली, ग्राम तिगरी निवासी मोहम्मद हफीज और बिलासपुर रोड के रहने वाले अफजल के तौर पर हुई है।
यह भी पढ़ें: एकनाथ शिंदे के साथ हो गया खेल, कांग्रेस और BJP ने हाथ मिलाकर हरा दिया
पुलिस के मुताबिक अफजल 5वीं पास है। वहीं मोहम्मद हफीज ने एलएलबी कर रखी है। वह जीएसटी का काम करता है। एसपी क्राइम इन्दु सिद्धार्थ के मुताबिक मोहम्मद हफीज की मुलाकात 5वीं पास अफजल और मोनिस से हुई। दोनों ने फर्जी ई-वे बिल के माध्यम से मोटा मुनाफा कमाने की जानकारी दी। बाद में तीनों मिलकर भोले-भाले लोगों के नाम पर फर्जी फर्म पंजीकृत कराकर जीएसटी चोरी को अंजाम देने लगे। अफजल का काम फर्मों की खातिर जगह या गोदाम की तलाश करना होता था। वहीं मोहम्मद हफीज और मोनिस अकाउंटिंग व जीएसटी का काम देखते थे।
आरोपियों के पास से क्या-क्या मिला?
एसपी (अपराध) इंदु सिद्धार्थ के मुताबिक तीनों आरोपियों के पास से चेकबुक, पैनकार्ड, सिम कार्ड, आधार कार्ड, छह मोबाइल, पांच लैपटॉप और 34 फर्जी फर्मों के कागजात के अलावा एक क्रेटा कार, एक हार्ड डिस्क, इंटरनेट डोंगल, 3 रबर स्टाम्प, दो प्रिंटर और 12 डिजिटल सिग्नेचर मिले हैं। पुलिस की साइबर टीम आरोपियों के पास से बरामद डिजिटल डिवाइसों की जांच करने में जुटी हैं।
यह भी पढ़ें: 30 JCB पहुंची तो क्या हुआ? फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई कार्रवाई की कहानी
लोगों को लालच देकर लेते थे कागजात
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी भोले-भाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे। लालच देकर उनसे पैन, आधार और बैंक खाते ले लेते थे। बाद में इन्हीं कागजात के आधार पर फर्जी फर्म पंजीकृत कराते थे। अभी 34 फर्म की जांच की गई। इसमें 42 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी गई है। अभी तक की जांच में 100 से अधिक फर्जी कंपनियों की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक तीनों 2023 से फर्जी कंपनियों के नाम पर जीएसटी चोरी को अंजाम दे रहे थे।