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क्रूज हादसा: दिल्ली के प्रदीप ने बचाई कई जान, मगर परिवार के 3 लोगों को खोना पड़ा

दिल्ली के प्रदीप ने जबलपुर क्रूज हादसे में लाइफ जैकेट बांटकर कई लोगों की जान बचाई। अपनी बेटी को भी सही सलामत बाहर निकाला। मगर पत्नी-बेटा और सास को दर्दनाक हादसे में खोना पड़ा।

Jabalpur Cruise Accident

बरगी डैम हादसा। (Photo Credit: PTI)

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मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए क्रूज हादसे में दिल्ली के एक ही परिवार के तीन लोगों की जान गई है। यह सभी लोग गृह प्रवेश में शामिल होने आए थे। खबरों के मुताबिक गृह प्रवेश में शामिल होने के बाद परिवार को दिल्ली लौटना था। मगर उन्होंने घूमने का प्लान बनाया। गुरुवार की शाम परिवार क्रूज में सवार होकर बरगी बांधी की सैर पर निकला। मगर अचानक तूफान की चपेट में आने से क्रूज पलट गया। हादसे में एक ही परिवार के छह में से तीन लोगों की जान चली गई।

दिल्ली कैंट का रहने वाला था परिवार

परिवार दिल्ली कैंट का रहने वाला है। मृतकों की पहचान मरीना (39), उनका चार वर्षीय बेटा त्रिशन उर्फ जहां, मरीना की मां मधुर मैसी (62) के तौर पर हुई है। वहीं मरीना के पति प्रदीप, बेटी सिया उर्फ पीहू (14) और मरीना के पिता जूलियस मैसी (65) की जान बच गई। मरीना के भाई कुलदीप मोहन ने बताया कि परिवार क्रूज के ऊपर वाले हिस्से में था। उन्हें गुरुवार को लौटना था। मगर सभी घूमने चले गए और यहां दर्दनाक हादसा हो गया।

 

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अचानक सबकुछ बदल गया

उन्होंने आगे कहा, 'मेरी बहन वीडियो कॉल पर हमें नजारा दिखा रही थी। अचानक सब बदल गया। वह 'मुझे बचा लो...मुझे बचा लो' कहकर रो रही थी और फिर फोन कट गया।'

पर्यटकों को कोई चेतावनी नहीं दी गई

मरीना ने परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि येलो अलर्ट के बावजूद पर्यटकों को कोई चेतावनी नहीं दी गई थी। अगर लोगों को खतरे के बारे में बताया गया होता शायद कोई क्रूज पर सवार होता। कुलदीप मोहन का कहना है कि हादसा किनारे के करीब 150 से 200 मीटर दूर हुआ। मगर लहरें बहुत तेज थीं। इस वजह से लोग डैम के और अंदर की तरफ जाने लगे। उन्होंने कहा कि ऐसी जगहों पर स्थायी तौर पर बचाव टीम की व्यवस्था होनी चाहिए थी।

 

बता दें कि मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने बरंगी बांध में क्रूज हादसे में अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है। यह पर्यटक लापता हैं। वहीं 28 लोगों को बचा लिया गया है।

 

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प्रदीप ने बचाई कई की जान

मोहन ने बताया कि लहरों के कारण क्रूज हिलने लगा। तभी ऊपरी मंजिल से लोग नीचे भागने लगे। इसी दौरान अंदर पानी आने लगा। तभी जीजा प्रदीप ने लाइफ जैकेट खोजी और लोगों में बांटा। कुछ लोगों ने जैकेट पहन ली थी तो वहीं कुछ लोगों ने डर की वजह से पानी में छलांग लगा दी। इन लोगों को स्थानीय लोगों ने रस्सियों की मदद से बचा लिया। उन्होंने बताया कि प्रदीप को तैरना आता था। वह अपनी और बेटी की जान बचाने में सफल रहे। मगर क्रूज के नीचे फंसने के कारण परिवार के अन्य लोगों को नहीं बचा सके।


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