त्विषा शर्मा की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद विशेष जांच टीम यानी एसआईटी जांच के लिए भोपाल पहुंची है। एसआईटी ने मुख्य आरोपी और त्विषा के पति समर्थ सिंह से करीब 3 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। समर्थ ने पुलिस को बताया कि त्विषा एक अबॉर्शन के बाद से काफी परेशान थी और उसने यह दावा भी दोहराया कि उसने और उसके परिवार ने त्विषा को 7 लाख रुपये दिए थे।
एसआईटी अधिकारियों ने पाया कि समर्थ उस समय के बारे में पुलिस को लगातार गुमराह कर रहा है जब वह त्विषा की मौत के बाद फरार हो गया था। टीम ने समर्थ सिंह के बयानों को परखा और यह जानने की कोशिश की कि उसने 7 लाख रुपये के दावे क्यों किए हैं। पुलिस उसके हर बयान को क्रॉस-वेरीफाई कर रही है ताकि सच सामने आ सके।
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घटना वाली जगह की जांच
सोमवार की शाम को एसआईटी की टीम समर्थ को बागमुगलिया एक्सटेंशन स्थित उसके घर ले गई जो कि कटारा हिल्स पुलिस थाने के क्षेत्र में आता है। वहां पुलिस ने घटना वाली जगह की जांच की। यह पूरा प्रोसेस 2 घंटे तक चला। पुलिस ने इस दौरान पूरी वीडियोग्राफी करवाई ताकि अपराध स्थल की स्थिति और वहां की हर बारीकी को रिकॉर्ड में लिया जा सके।
जांच को पुख्ता बनाने के लिए एसआईटी ने समर्थ का काफी सामान अपने पास रख लिया है। इसमें उसका लैपटॉप, मोबाइल फोन, पासपोर्ट, आधार कार्ड और दूसरी जरूरी कागज शामिल हैं। पुलिस अब इन चीजों की तकनीकी जांच कर रही है ताकि समर्थ के उस समय के मूवमेंट का पूरा सच सामने आ सके।
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पूर्व जज पर सवाल
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि समर्थ की मां गिरिबाला सिंह जो कि एक पूर्व जज हैं और इस मामले में संभावित आरोपी मानी जा रही है। उनसे भी एसआईटी ने पूछताछ की है और जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर से बुलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार ने यह शिकायत भी की है कि गिरिबाला सिंह को जमानत तो मिल गई है लेकिन वह जांच में मदद करने के बजाय अलग-अलग टीवी चैनलों पर जाकर लगातार अपना पक्ष रख रही हैं।