राजस्थान के नागौर जिले में पंचायत चुनाव हुआ। इस चुनाव में सांसद हनुमान बेनीवाल के गांव बरणगांव में एक रोचक टक्कर देखने को मिली, जहां सांसद हनुमान की दो भाभियां पद के लिए आमने-सामने नजर आईं। चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर मीरा बेनीवाल और राजबाला थीं, जो एक-दूसरे की सगी बहनें हैं। मीरा बेनीवाल के पति रामप्रसाद लगभग 25 साल पहले गांव के सरपंच रह चुके थे। इस चुनाव का परिणाम अब सामने आ चुका है, जिसके मुताबिक राजबाला ने जीत हासिल की है, जबकि मीरा बेनीवाल को हार मिली है।
हनुमान बेनीवाल के बड़े भाई की पत्नी राजबाला ने पंचायत चुनाव में 149 वोटों के साथ जीत हासिल की। वहीं, दूसरे भाई की पत्नी मीरा बेनीवाल को सिर्फ 21 वोट मिले, जिस वजह से वह हार गईं। बरणगांव के पंचायत चुनाव में कुल 6 महिला प्रत्याशी आमने-सामने खड़ी हुई थीं, जिनमें जीत राजबाला को मिली।
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दो सगी बहनों का हुआ आमना-सामना
सरपंच चुनाव में खड़ी होने वाली राजबाला और मीरा एक-दूसरे की सगी बहनें हैं, जिनकी शादी दो सगे भाइयों के साथ हुई थी। मीरा के पति स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल करीब 25 साल पहले सरपंच रहे थे।
इसके बाद पंचायत चुनाव में एक ही पद के लिए दो बहनें आमने-सामने खड़ी हुईं। इसका नतीजा जानने के लिए पूरे नागौर जिले की निगाहें बरणगांव के लोगों पर टिकी थीं। चुनाव के नतीजे से साफ हुआ कि राजबाला ने बहुमत से जीत हासिल की है।
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चुनाव में नजर नहीं आए हनुमान
यह पंचायत चुनाव सांसद हनुमान बेनीवाल के गांव में हुआ था, जहां उनकी ही दो भाभियां चुनाव में खड़ी थीं। इस चुनाव में सांसद हनुमान ने किसी प्रत्याशी को जिताने के लिए प्रचार नहीं किया। उन्होंने किसी एक भाभी को चुनाव में खुलकर सपोर्ट नहीं किया। चुनाव प्रचार के दौरान राजबाला ने गांव के लोगों से वादा किया था कि वह लोगों की भलाई के लिए काम करेंगी। इसी वादे के आधार पर लोगों ने वोट दिया था।