उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रहने वाले साल 2015 बैच के सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने सोशल मीडिया पर कुछ दिन पहले कई वीडियो वायरल कर दिए थे। इसमें उन्होंने आरोप लगाए थे कि पुलिस लाइन के गणना कार्यालय में मनचाही ड्यूटी लगवाने के नाम पर 2000 रुपये की वसूली की जाती है। उनका कहना था कि 10 हजार रुपये महीने भर के देने पर घर में आराम करने की छूट मिल जाती है। अब उन सुनील कुमार शुक्ला को सस्पेंड कर दिया गया है लेकिन जिन पर आरोप लगे वे बच गए हैं।
सुनील ने पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक की शह पर वसूली करवाने का आरोप भी लगाया। सुनील ने वीडियो में यह भी कहा कि अफसर भी वसूली के खेल में शामिल है। वीडियो के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सुनील को 20 दिन के अवकाश पर भेज दिया गया। अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए।
यह भी पढ़ें: BSP के करीब सपा से दूरी, यूपी में नया दांव खेल रहे राहुल गांधी? खुल गया भेद
घर की तलाशी लेने का भी आरोप लगाया
सोशल मीडिया पर सुनील के सनसनी खेज मामला उजागर करने से विभाग के अधिकारी भी सकते में आ गए थे। तभी सुनील ने तीसरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। इसमें आरोप लगाया कि उनके परिवार का उत्पीड़न किया जा रहा है। सच बोलने की वजह से उनके घर की आधी रात को पुलिस ने तलाशी ली, पूरे परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: BSP के करीब सपा से दूरी, यूपी में नया दांव खेल रहे राहुल गांधी? खुल गया भेद
बता दें कि पुलिस लाइन में एक गणना कार्यालय होता है। इसमें पुलिस लाइन के सभी निरीक्षक, उपनिरीक्षक, दीवान, सिपाही का रिकार्ड रहता है। गणना कार्यालय से गार्ड ड्यूटी, मुजरिमों की जेल से पेशी, अफसरों के आवास की सुरक्षा, सहित क्यूआरटी की ड्यूटी लगाई जाती है। सुनील के आरोप के बाद अफसरों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गणना कार्यालय में तैनात 12 पुलिस कर्मियों को वहां से हटाकर अन्य जगहों पर भेज दिया है।
जांच के बाद सुनील निलंबित
इस प्रकरण की जांच अपर पुलिस आयुक्त पश्चिमी धनंजय सिंह कुशवाह को दी गई। सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने आरोप लगाते हुए बयान भी दर्ज करा दिए। जांच में प्रतिसार निरीक्षक सहित गणना प्रभारी वहां तैनात सभी पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट दे दी गई। धनंजय सिंह ने रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों के पास भेज दी। डीसीपी मुख्यालय ने सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, पुलिस की सोशल मीडिया पाॅलिसी का उल्लंघन करने के आरोप में सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को निलंबित करने के आदेश दिए गए।
विभाग में सिपाही, दीवान और दरोगा कभी अवकाश नहीं मिलने, उत्पीड़न करने के संबंध में जिले के अफसरों पर गंभीर आरोप लगाते रहे।हर मामले मेें विभागीय जांच कराई गई। जांच में अफसरों को क्लीन चिट देने के बाद आरोप लगाने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जाता रहा। उनकी चरित्र पंजिका में भी अफसर घटनाक्रम को लाल पैन से लिखकर हमेशा के लिए विभाग में दागदार कर देते है। ऐसे में दूसरे जनपद में स्थानांतरण के बाद भी उनको चार्ज नहीं मिलता है।