उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश और खराब मौसम ने कई जिलों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश हुई। अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 36 घंटे बाद प्रदेश में मौसम सामान्य होने की संभावना है। इस बीच राहत और बचाव व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ
के निर्देश पर प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याओं का तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में आमजन की जान-माल की सुरक्षा जिलाधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। लोगों से बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना ज्यादा बारिश
बारिश की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 24 घंटों में फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना और कन्नौज, कानपुर देहात तथा हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है। भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य बारिश हुई, जबकि गाजीपुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई। वहीं बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में बारिश नहीं हुई।
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36 घंटे बाद मौसम सामान्य होने की उम्मीद
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 36 घंटों के बाद प्रदेश में मौसम सामान्य होने की संभावना है। राहत आयुक्त ने लोगों से प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
117 मकान क्षतिग्रस्त, सहायता देने के निर्देश
पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान से प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को पूरी संवेदनशीलता के साथ अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है।इसके साथ ही बारिश से हुई क्षति का तत्काल सर्वेक्षण और आकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत सहायता जल्द मिल सके।भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का भी त्वरित आकलन कराया जाएगा। फील्ड अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर फसल क्षति का सर्वे करने को कहा गया है, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
नेपाल में भारी बारिश, सीमावर्ती जिलों में अलर्ट
नेपाल में हो रही भारी बारिश को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।बाढ़ राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि जलस्तर बढ़ने या बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
राहत-बचाव दलों को किया गया सक्रिय
प्रशासन को जरूरत के अनुसार फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाएं लेने के निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण और निगरानी करने को कहा गया है।जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का आकलन करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तत्काल निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को स्पष्ट किया गया है कि खराब मौसम के दौरान आमजन की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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कच्चे मकानों और जलभराव पर खास नजर
कच्चे मकानों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने को कहा गया है।जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने के साथ कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश हैं। जरूरत पड़ने पर ऐसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा।