लखनऊ। 69 हजार शिक्षक भर्ती में 6800 पिछड़ा वर्ग अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग शुक्रवार को राजधानी में बड़े आंदोलन में बदल गई। सैकड़ों अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के सरकारी आवास पर पहुंच गए और घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद मौके पर धक्का-मुक्की, नारेबाजी और हंगामे का दौर शुरू हो गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को उठाकर बसों में बैठाया तथा हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
सुबह से ही प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचने लगे थे। दोपहर होते-होते शिक्षा मंत्री के सरकारी आवास के बाहर सैकड़ों अभ्यर्थी जुट गए। प्रदर्शनकारियों ने "योगी बाबा न्याय करो", "नियुक्ति दो" और "वादा निभाओ" जैसे नारे लगाते हुए आवास का घेराव करने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया।
टांगकर बसों में बैठाया, ईको गार्डन भेजे गए अभ्यर्थी
स्थिति बेकाबू होती देख पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। कई अभ्यर्थियों को पुलिसकर्मियों ने उठाकर और टांगकर बसों तक पहुंचाया। इसके बाद सभी को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया गया। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और मंत्री आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई।
सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप
अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछड़ा वर्ग के 6800 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिलनी चाहिए, लेकिन सरकार की प्रक्रिया में करीब 3300 लोगों को ही मौका मिलने की संभावना है। उनका आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद सरकार कोई ठोस फैसला नहीं ले रही है।
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सुप्रीम कोर्ट के हलफनामे का भी उठाया मुद्दा
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में 8270 सीटों का जिक्र किया है। उनका आरोप है कि इनमें 4946 ऐसे अभ्यर्थियों के नाम शामिल हैं, जो पहले ही तीन बार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है।
प्रदर्शन के बीच भावुक तस्वीरें भी आईं सामने
हंगामे के दौरान एक अभ्यर्थी बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा। वहीं अपने छोटे बच्चे के साथ प्रदर्शन में पहुंची एक महिला अभ्यर्थी के बच्चे को पुलिसकर्मियों ने गोद में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इन तस्वीरों ने आंदोलन के बीच भावुक माहौल भी पैदा कर दिया।
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चेतावनी- नियुक्ति नहीं मिली तो आंदोलन होगा और उग्र
अभ्यर्थियों ने साफ कहा कि जब तक 6800 अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उधर पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को हटाकर ईको गार्डन भेजा गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन शिक्षक भर्ती का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की सियासत और सड़कों पर गरमा गया