उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने 7 लोगों की जान ले ली है। चमोली के पीपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) लिमिटेड की प्रोजेक्ट साइट पर हुए हादसे के चलते 22 मजदूर सुरंग के अंदर ही फंस गए थे। बारिश का पानी और मलबा सुरंग में घुसने के चलते मजदूर बाहर नहीं निकल पाए। रेस्क्यू शुरू करके 20 लोगों को निकाल लिया गया था जिसमें से अब तक लोगों की मौत हो गई है। कई लोग बुरी तरह घायल हैं और उनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। अभी भी 5 से 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा पीपलकोटी क्षेत्र में THDC लिमिटेड की प्रोजेक्ट साइट पर हुआ है। यहां निर्माण कार्य हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) की ओर से किया जा रहा है। बताया गया है कि गुरुवार शाम 6:30 से 6:45 के बीच यह हादसा हुआ। पीपलकोटी में बन रहे हाइड्रो प्रोजेक्ट से जुड़ी इस टनल में उस वक्त कम से कम 22 मजदूर काम कर रहे थे। टनल के मुहाने से लगभग 1.8 किलोमीटर अंदर के हिस्से में अचानक मलबा और पानी आ गया। इसके चलते मजदूर अंदर ही फंस गए।
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कैसे हुआ रेस्क्यू?
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम मौके पर रेस्क्यू करने पहुंची थी। इसके बारे में NDRF के इंस्पेक्टर अमृत लाल मीणा ने बताया, 'सूचना मिलने के बाद हमारी टीम यहां पहुंची। टनल में सीने से ऊपर पानी भरा था। हमारे 5 जवान अंदर गए और बाकी के बाहर तैयारी कर रहे थे।' अधिकारियों ने बताया कि सुरंग में भरे पानी को निकालने के लिए कई पंप भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद बार-बार पानी भर जाने के चलते रेस्क्यू में भी दिक्कत आई।
सुरंग के अंदर के कई वीडियो भी आए हैं जिनमें देखा जा सकता है कि बचावकर्मी प्लास्टिक के ड्रम के तैराकर उसी पर बैठकर लोगों की तलाश कर रहे हैं।
जान गंवाने वाले कहां के हैं?
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, जान गंवाने वाले ज्यादातर मजदूर बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं। एक-एक व्यक्ति उत्तराखंड के टिहरी और चमोली के भी हैं। वहीं, घायलों में उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के मजदूर शामिल हैं। चमोली के जिला अस्पताल के डॉक्टर आयुष ने बताया है कि 7 लोग मृत अवस्था में लाए गए थे और कुल 10 लोगों को यहां एडमिट किया गया है। उन्होंने यह भी बताया है कि एक शख्स की तबीयत बिगड़ने लगी थी इसलिए उसे बेस अस्पताल के लिए रेफर किया गया है।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। रुद्रप्रयाग से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की एक टीम बचाव अभियान में शामिल होने के लिए पीपलकोटी रवाना हुई। अधिकारियों ने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सेना की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाई गई हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार मौके पर पहुंचे और पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।</p><p> मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर घटना पर चिंता जताई और सभी एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।