उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चिरबासा हेलीपैड के पास भूस्खलन हो गया। पहाड़ से मलबा और पत्थर गिरने से सड़क का एक हिस्सा टूट गया, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई। पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर रास्ते पर यात्रियों की आवाजाही रोक दी। अब तक 6,500 से ज्यादा श्रद्धालुओं को प्रभावित जगह से सुरक्षित निकाल लिया गया है।
सूचना मिलते ही SDRF की सोनप्रयाग पोस्ट की टीम सब-इंस्पेक्टर आशीष डिमरी की अगुवाई में मौके पर पहुंच गई। कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर SDRF ने पुलिस, DDRF और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। इस दौरान करीब 600 से 700 घोड़े और खच्चरों को भी सुरक्षित दूसरी तरफ पहुंचाया गया।
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लगातार बारिश से रास्ता साफ करना मुश्किल
रुद्रप्रयाग पुलिस के अनुसार, चिरबासा हेलीपैड के पास लगातार मलबा और पत्थर गिरने से केदारनाथ धाम का रास्ता बंद है। बारिश जारी रहने के कारण फिलहाल मार्ग से मलबा हटाना भी सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों की आवाजाही रोककर सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोका गया है। वहीं, केदारनाथ से लौटने वाले यात्रियों को जंगल चट्टी में रोक दिया गया है। जिले के कई पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण नदियों का बहाव भी बढ़ा है। पिछले सप्ताह अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जल प्रवाह तेज हुआ था।
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SDRF ने हजारों यात्रियों को सुरक्षित निकाला
रास्ता क्षतिग्रस्त होने के बावजूद SDRF की टीमें लगातार यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही में जुटी हैं। पुलिस, DDRF और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर प्रभावित हिस्से से यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। SDRF के मुताबिक, अब तक 6,500 से ज्यादा श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इसके अलावा करीब 600-700 घोड़े और खच्चरों को भी प्रभावित रास्ते से सुरक्षित पार कराया गया है। जोखिम भरे हालात में टीम लगातार यात्रियों और पशुओं की आवाजाही पर नजर रख रही है।