बिहार के भागलपुर जिले में 30 सितंबर की देर रात से विक्रमशिला सेतु पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया है। पुल पर मरम्मत का काम शुरू होने के कारण यह फैसला लिया गया है। आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक यातायात और फेरी सेवा की पूरी तैयारी कर ली है। इसी को लेकर जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जलमार्ग से यात्रियों और कार्गो के आवागमन के साथ सड़क मार्ग से वैकल्पिक यातायात की भी व्यवस्था की गई है। इसका मकसद लोगों को कम से कम परेशानी हो और आवागमन सुचारू रूप से चलता रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि बरारी घाट से पहले चलने वाली फेरी सेवा को फिलहाल चलाने की अनुमति नहीं दी गई है। बरारी घाट पर स्थायी सुधार का काम होना है। इस दौरान वहां बड़ी मशीनें, क्रेन और दूसरे निर्माण उपकरण मौजूद रहेंगे। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बरारी घाट से फेरी सेवा नहीं चलेगी। यात्रियों के लिए बियाडा घाट से फेरी सेवा शुरू की जाएगी। वहीं सबौर के बाबूपुर घाट से कार्गो का आवागमन होगा।
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बियाडा घाट से चलेगी यात्री फेरी
भागलपुर में विक्रमशिला पुल को उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली लाइफलाइन माना जाता है। 30 सितंबर से इस पुल पर मरम्मत का काम शुरू होने के कारण आवागमन बंद होने जा रहा है। ऐसे में लोगों को परेशानी हो सकती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया था। जिलाधिकारी अलंकृता ने बताया कि यात्रियों को परेशानी न हो और पर्याप्त क्षमता वाले सुरक्षित वाहनों से ज्यादा से ज्यादा लोगों का जलमार्ग से आवागमन हो सके इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उन्होंने बताया कि जलमार्ग के अलावा सड़क मार्ग से भी वैकल्पिक रूट तैयार किए गए हैं। भारी वाहनों के लिए अलग रूट और छोटे वाहनों के लिए अलग रूट तय किया गया है। फेरी सेवा के लिए बियाडा घाट को पूरी तरह तैयार किया गया है। वहां यात्रियों के बैठने, टिकट काउंटर, सुरक्षा व्यवस्था और लाइफ जैकेट समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रशासन ने नाविकों और फेरी संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। बरारी घाट को लेकर जिलाधिकारी ने बताया कि वहां पहले फेरी सेवा चलती थी लेकिन अब स्थायी सुधार का काम होना है। घाट पर बड़ी मशीनें, क्रेन और निर्माण सामग्री रहेगी। इससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसलिए काम पूरा होने तक बरारी घाट से फेरी सेवा बंद रखने का फैसला लिया गया है।
बाबूपुर घाट से होगा कार्गो का आवागमन
जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रियों के लिए बियाडा घाट से फेरी सेवा चलेगी। बियाडा घाट पर सभी जरूरी सुविधाएं तैयार की गई हैं। वहीं सबौर स्थित बाबूपुर घाट से कार्गो का आवागमन किया जाएगा। यात्री फेरी और कार्गो को अलग-अलग घाटों से चलाने से भीड़ कम होगी और व्यवस्था संभालना आसान रहेगा।
उन्होंने बताया कि फेरी सेवा की समय-सारणी भी जारी की जाएगी ताकि यात्रियों को पता रहे कि फेरी कब चलेगी। सुबह से शाम तक तय समय पर फेरी चलाने की तैयारी है। जरूरत पड़ने पर फेरी की संख्या बढ़ाई जा सकती है। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट है। सभी फेरी में लाइफ जैकेट जरूरी होगी। क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाने की अनुमति नहीं होगी। नावों की फिटनेस की भी जांच कराई गई है।
इसके अलावा सड़क मार्ग से वैकल्पिक यातायात की भी व्यवस्था की गई है। भागलपुर से नवगछिया, खगड़िया, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किया गया है। भारी वाहनों को दूसरे रूट से भेजा जाएगा, ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने। ट्रैफिक पुलिस को भी अलर्ट किया गया है और जरूरत के अनुसार जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया जाएगा। जिलाधिकारी ने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
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नावों की फिटनेस जांची गई
जिलाधिकारी ने कहा कि विक्रमशिला पुल की मरम्मत जरूरी है और लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। पुल की मरम्मत के बाद आवागमन और सुरक्षित हो सकेगा। मरम्मत के दौरान लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है लेकिन प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि बियाडा घाट और बाबूपुर घाट पर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
फेरी सेवा में सुरक्षा नियमों का पूरा पालन कराया जाएगा। नावों की फिटनेस जांच कराई गई है और अनफिट नावों को चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नाविकों को भी जरूरी प्रशिक्षण दिया गया है। उन्हें क्षमता से ज्यादा यात्रियों को नहीं बैठाने और सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट देने के निर्देश दिए गए हैं। घाटों पर टिकट काउंटर, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और रोशनी की भी व्यवस्था की गई है।