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BJP पर कब-कब हमलावर हुए अन्नामलाई? इन 5 मौकों पर उठाए सवाल

तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब अन्नामलाई ने केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया हो।

We The Leaders फाउंडेशन के प्रमुख अन्नामलाई

के. अन्नामलाई, Photo Credit- सोशल मीडिया

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तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सरकार से सवाल पूछने वालों को विदेशी एजेंट बताना सही नहीं है। अन्नामलाई ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने, जमानत और जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को विरोध करने वालों की बात सुननी चाहिए। इस पोस्ट में उन्होंने सरकार को अलग-अलग मुद्दों पर घेरा।

 

पूर्व IAS रहे अन्नामलाई ने साल 2025 में बीजेपी ज्वाइन किया था। राज्य में पार्टी के कार्यों को लेकर सक्रिय अन्नामलाई को जुलाई 2021 में प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया। जून 2026 में पार्टी छोड़ने से पहले अन्नामलाई ने अलग-अलग मौक़े पर पीएम मोदी और शीर्ष नेतृत्व की तारीफ़ की थी। लेकिन पिछले कुछ समय से अलग-अलग मुद्दे पर अन्नामलाई मे सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। 

1. प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर उठाए सवाल

अक्टूबर 2026 में कॉकरोच जनता पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में हो रही कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर सीजेपी नेताओं और प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया। इस पर अन्नामलाई ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह संगठन के प्रदर्शन के तरीके से सहमत नहीं हैं, लेकिन उसे विरोध करने का हक है। अन्नामलाई ने एक्स पर पोस्ट कर पूछा कि प्रदर्शनकारियों को किस आधार पर हिरासत में लिया गया। क्या पुलिस ने नियमों का पालन किया? अन्नामलाई ने कहा कि सरकार को विरोध करने वालों की बात सुननी चाहिए।

2. NEET पेपर लीक पर उठाया सवाल

साल 2026 के मई महीने में NTA ने NEET -UG की परीक्षा आयोजित की थी। पेपर आयोजित होने के कुछ दिन बाद कई जगह पर लीक की ख़बरें सामने आईं तो एग्जाम को रद्द कर दिया गया। पेपर लीक के मुद्दे पर अन्नामलाई ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में तीन बार पेपर लीक होने की बात सामने आई लेकिन कोई जिम्मेदारी तय नहीं हुई। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने छात्रों से बात करने में इतनी देर क्यों की? अन्नामलाई ने कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने का हक है। सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए और परीक्षा व्यवस्था पर उनका भरोसा बनाए रखने के लिए कदम उठाने चाहिए।

3. कावेरी जल विवाद पर पूछा सवाल

जुलाई 2026 में अन्नामलाई ने कर्नाटक के मेकेदातु बांध प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। यह बांध कावेरी नदी पर बनाया जाना है। अन्नामलाई ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार का रुख बदलता दिख रहा है। इससे तमिलनाडु के किसानों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय के पुराने बयान का जिक्र किया। अन्नामलाई ने पूछा कि जब पहले दूसरे राज्यों की सहमति जरूरी बताई गई थी, तो अब रुख क्यों बदला जा रहा है? उन्होंने केंद्र से तमिलनाडु के किसानों के हितों का ध्यान रखने की मांग की।

4. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सवाल

12 अक्टूबर को प्रशासन ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया था। अन्नामलाई ने केंद्र सरकार से पूछा कि यह फैसला क्यों लिया गया। अन्नामलाई का कहना था कि विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है। इसलिए प्रदर्शन की जगह और अनुमति को लेकर साफ नियम होने चाहिए।

5. CJP नेताओं की जमानत पर भड़के

अन्नामलाई ने CJP के सदस्यों की जमानत की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इस मामले में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की क्या भूमिका थी और पुलिस को कौन से अधिकार मिले थे। उन्होंने आठ जमानतदारों को खारिज किए जाने पर भी जवाब मांगा। अन्नामलाई ने कहा कि हिरासत और जमानत के मामले में कानून के नियमों का पालन होना चाहिए। हालांकि, उनके सवाल उठाने भर से यह साबित नहीं होता कि कानून तोड़ा गया था।

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