भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हरियाणा से संजय भाटिया को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में संजय भाटिया ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। 2019 के चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद संजय भाटिया को 2024 में टिकट नहीं मिला। उनकी जगह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को करनाल सीट से उतारा गया। चुनाव जीतने के बाद मनोहर लाल को केंद्र में मंत्री बनाया गया। बताया जाता है कि भाटिया ने खुद ही पूर्व सीएम के लिए करनाल सीट छोड़ी थी।
विधानसभा चुनाव में करनाल से टिकट की अटकलें भी चलीं, लेकिन वह भी नहीं मिली। तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद संजय भाटिया ने कभी कोई शिकायत नहीं की। इसकी एक वजह यह भी है कि उन्हें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का करीबी माना जाता है। आज उनके इसी धैर्य का फल पार्टी ने दिया है।
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2019 में दर्ज की थी ऐतिहासिक जीत
संजय भाटिया पानीपत जिले के रहने वाले हैं। बीजेपी में महामंत्री के अलावा संगठन में कई जिम्मेदारियों को संभाला। 2019 में सीएम मनोहर लाल ने उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र करनाल से ही लोकसभा का प्रत्याशी बनवाया। उस चुनाव में संजय भाटिया ने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 6.54 लाख मतों के अंतर से हराया था। यह हरियाणा के इतिहास की सबसे बड़ी जीत है।
आईबी कॉलेज से की पढ़ाई, बीजेपी में महासचिव भी रहे
2019 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक संजय भाटिया ने 1988 में पानीपत के आईबी कॉलेज से बी.कॉम किया। तब उनके पास 22 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति थी। वहीं 5 लाख से अधिक की देनदारी थी। भाटिया ने कृषि और सामाजिक कार्य को अपना पेशा बता रखा है। पानीपत के मॉडल टाउन के रहने वाले संजय भाटिया 2015 से 2021 तक हरियाणा बीजेपी के महासचिव भी थे।
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29 जुलाई 1967 को जन्मे संजय भाटिया के पिता का नाम जय दयाल भाटिया और माता चंदर कांता भाटिया हैं। 25 अप्रैल 1994 को उनकी शादी अंजू भाटिया से हुई। संजय भटिया के दो पुत्र हैं। सांसद रहते हुए संजय भाटिया परामर्श समिति, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, संसद सदस्यों के वेतन और भत्तों पर संयुक्त समिति व गृह मामलों की स्थायी समिति के सदस्य भी रह चुके हैं।