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कांग्रेस को छोड़कर पप्पू यादव को क्यों नहीं मिला गठबंधन का साथ?

गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को विपक्षी गठबंधन का उतना साथ नहीं मिला, जिनती की लोग उम्मीद कर रहे थेष कांग्रेस की खुलकर सामने आई है। वहीं आरजेडी ने सधी प्रतिक्रिया दी। आखिर ऐसा क्यों हुआ? आइये जानते हैं।

Pappu Yadav News

अलग-थलग पड़े पप्पू यादव। ( Photo Credit: PTI)

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संजय सिंह, पटना। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को कांग्रेस छोड़कर महागठबंधन के किसी भी अन्य दल का साथ नहीं मिला है। आरजेडी और कांग्रेस ने अलग-अलग अंदाज में इस मामले में सरकार को घेरने का प्रयास किया। हालांकि विपक्षी एकता की कमजोरी का लाभ सत्ता पक्ष ने खूब उठाया।

 

पप्पू के समर्थकों का कहना है कि नीट छात्रा मौत के प्रकरण को मुखर रुप से उठाने के कारण ही सांसद को जेल भेजा गया है। उधर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने जरूर पप्पू यादव की पीठ थपथपाई है। उधर, तेजस्वी यादव से खार खाए आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने भी पप्पू यादव के समर्थन में सोशल मीडिया पर खूब कसीदे पढ़े।

 

पप्पू यादव नीट छात्रा प्रकरण को खूब उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी प्रकरण से जुड़े कई दावे किए। अब गिरफ्तारी को उनके समर्थक इसी प्रकरण से जोड़कर देख रहे हैं। पप्पू यादव नीट छात्रा प्रकरण को पूरे बिहार में पहुंचाना चाहते थे, लेकिन गिरफ्तारी के बाद उनका पूरा मिशन धराशायी हो गया।

पप्पू को क्यों नहीं मिला तेजस्वी का साथ?

पप्पू यादव और तेजस्वी यादव के बीच बनती नहीं है। यह सबको मालूम है। पप्पू यादव कई मौकों पर तेजस्वी की जमकर आलोचना कर चुके हैं। यही कारण है कि लोकसभा चुनाव 2024 में आरजेडी ने पूर्णिया सीट पर पप्पू यादव के खिलाफ बीमा भारती को उतारा था। तब से दोनों नेताओं के बीच अनबन और बढ़ गई। पप्पू और तेजस्वी की निगाह बिहार के यादव वोटबैंक पर है। वर्चस्व की यह लड़ाई इतनी बढ़ चुकी है कि कोई किसी को मौका नहीं देना चाहता है।

 

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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने बिहार में यात्रा की थी। उस वक्त पप्पू यादव राहुल गांधी के रथ पर सवार होना चाहते थे। लेकिन उन्हें रोक दिया गया। बाद में चर्चा उठी की तेजस्वी यादव के इशारे पर पप्पू यादव को रथ में सवार होने का मौका नहीं दिया गया।

क्यों मिला शिवानंद तिवारी का समर्थन 

शिवानंद तिवारी आरजेडी में हैं, लेकिन तेजस्वी यादव और उनके बीच दूरी है। उन्होंने सोची समझी रणनीति के तहत पप्पू यादव का समर्थन किया। शिवानंद तिवारी ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर न्यायपालिका और पुलिस के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए। सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा है कि पप्पू विशिष्ट व्यक्तित्व के हैं। वे एक ऐसे मात्र राजनेता हैं, जिन्होंने तीन बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। वे अब तक छह बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। वे जनता के हर सुख दुख में हर वक्त खड़े रहते हैं। कोरोना काल में उन्होंने लोगों की भरपूर मदद की। पटना के कंकड़बाग इलाके में जलजमाव के समय जब सारा तंत्र विफल हो गया था, तब वे लोगों की मदद के लिए आगे आए थे। 

 

तिवारी ने आगे लिखा कि हमारे देश की न्याय व्यवस्था की यह एक विडंबना है कि मुकदमे 25 से 30 वर्षों तक चलते रहते हैं। अचानक संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी हो जाती है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अपने नेता तेजस्वी यादव को संदेश देने के लिए ऐसा पोस्ट किया। 

 

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20 समर्थकों पर एफआईआर 

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। गिरफ्तारी को लेकर पुलिस और उनके समर्थकों के बीच हल्की नोंक झोंक भी हुई। अब पुलिस ने उनके 20 समर्थकों के विरुद्ध बुद्धा कोलनी थाने में एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने का आरोप है। उधर, पप्पू यादव को पटना के पीएमसीएच अस्पताल से बेऊर जेल भेज दिया गया है।


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