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रात में दस्तक, लोगों से बातचीत, न्यू ईयर से पहले बेंगलुरु पुलिस का अनोखा कैंपेन

बेंगलुरु पुलिस का तर्क है कि अधिकारी अपराध रोकने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस साइबर जागरूकता अभियान भी चला रही है।

Bengaluru Police

बेंगलुरु पुलिस। फाइल फोटो। Photo Credit: PTI

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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में इन दिनों पुलिस लोगों के घर-घर जाकर देर रात बातचीत कर रही है, हाल-चाल ले रही है। ऐसा नहीं है कि शहर में अचानक अपराध बढ़ गए हैं, पुलिस रेड डाल रही है, बल्कि वजह यह है कि पुलिस अपराध रोकना चाह रही है। बेंगलुरु के सुद्दुगुंटेपाल्या के लोग इन दिनों पुलिस की आमद से हैरान हैं। शाम ढलने के बाद पुलिस की टीमें उनके घरों पर आ रही हैं, लेकिन किसी अपराध की जांच के लिए नहीं, बल्कि अपराध रोकने के लिए। 

अपराध रोकथाम महीने के तहत पुलिस अधिकारी घर-घर जाकर सुरक्षा के टिप्स दे रहे हैं, साइबर फ्रॉड पर सवालों के जवाब दे रहे हैं और लोगों की नागरिक शिकायतें भी नोट कर रहे हैं। इसका मकसद लोगों का भरोसा जीतना और नए साल के जश्न को बिना किसी परेशानी के मनाना है। 

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लोगों के घर क्यों जा रही पुलिस?

पुलिस लोगों को अपराध के प्रति जागरूक कर रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक हर टीम में 15 पुलिसकर्मी होते हैं, जिनकी अगुवाई दो सब-इंस्पेक्टर करते हैं। महिला पुलिस भी साथ होती है। ये टीमें अलग-अलग मोहल्लों में घरों पर जा रही हैं, परिवारों से देर शाम बातचीत कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि रात में इसलिए जाते हैं, जिससे घर के सभी लोग मौजूद हों।

पुलिस के इस कैंपेन का मतलब क्या है?

पुलिस जब इस तरह से अलर्ट होती है तो इसे 'एरिया डॉमिनेशन' का जाता है। पुलिस आम लोगों के बीच अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। नए साल पर बेंगलुरु में होने वाले अपराध नए नहीं हैं, पुलिस पहले से सक्रिय है, नए साल पर किसी भी आपराधिक घटना को रोकने के लिए अभी से आम नागरिकों को जागरूक कर रही है। 

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पुलिस लोगों से मिलकर यह बता रही है कि नए साल के जश्न के लिए क्या करें और क्या न करें। लोग खासकर साइबर अपराधों के बारे में बहुत सवाल पूछ रहे हैं। पुलिस बता रही है कि साइबर ठग कैसे काम करते हैं और परिवारों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए। असामाजिक तत्वों, गुंडों और पुराने अपराधियों पर भी पुलिस की नजर है। 

पुलिस से क्या शिकायत कर रहे लोग?

पुलिस विभाग का कहना है कि लोग नाबालिगों में नशे की लत, सड़कों पर पड़ी पुरानी गाड़ियां, रात में आवारा कुत्तों की समस्या और कचरा जैसी शिकायतें उठा रहे हैं। पुलिस अधिकारी शिकायतें नोट कर रहे हैं और सलाह दे रहे हैं। पुलिस लॉज, होटल, पेइंग गेस्ट और सर्विस अपार्टमेंट्स की जांच भी बढ़ा रही है। वहां रहने वालों की डिटेल्स चेक की जा रही हैं। विदेशी किरायेदारों वाले मकान मालिकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे किरायेदारों की जानकारी अपनी पुलिस स्टेशन में जरूर जमा करें।

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