logo

मूड

ट्रेंडिंग:

महाराष्ट्र के मंत्री ने BJP विधायक को बर्खास्त करने की मांग क्यों की? समझिए

कुछ दिनों पहले पीएम मोदी के दोस्त की जमीन पर कब्जा करने के मामले में चर्चा में आए विधायक नरेंद्र मेहता को बर्खास्त करने की मांग महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री ने कर डाली है।

news image

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री प्रताप सरनाईक, Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार है। इस गठबंधन में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) भी शामिल हैं। अब शिवसेना के कोटे से मंत्री बने प्रताप सरनाईक ने बीजेपी के विधायक नरेंद्र मेहता को मुश्किल में डाल दिया है। प्रताप सरनाईक ने महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव शर्मा से अपील की है कि नरेंद्र मेहता को बर्खास्त कर दिया जाए। उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से भी नरेंद्र मेहता की शिकायत की है। आरोप है कि कुछ दिन पहले ही नरेंद्र मेहता ने 40-50 पार्षदों के साथ जाकर मीरा-भायंदर नगर निगम के कमिश्नर राधा बिनोद शर्मा का घर घेर लिया था। 

 

राज्य के परिवहन मंत्री और शिवसेना के वरिष्ठ नेता प्रताप सरनाईक ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को एक चिट्ठी भेजी है। इस चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि 16 अक्टूबर को नरेंद्र मेहता 40-50 पार्षदों और सैकड़ों समर्थकों के साथ मीरा-भायंदर नगर निगम के कमिश्नर राधा बिनोद शर्मा के घर पर पहुंचे। आरोप है कि भीड़ ने कमिश्नर और उनके परिवार को डराने की कोशिश की, ताकि पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए जा सकें।

क्यों हुआ था विवाद?

हाल ही में नगर निगम के सदन की कार्यवाही के दौरान जोरदार बहस और धक्का-मुक्की हो गई थी। दर्शक दीर्घा में मौजूद कुछ आम लोगों और पत्रकारों ने इसी का वीडियो बना लिया था। इसी को देखते हुए बीजेपी के पार्षदों ने उन पर भी हमला कर दिया था। आरोप है कि कुछ पत्रकारों के मोबाइल फोन भी तोड़ दिए गए थे। 

 

यह भी पढ़ें: नोटिस मिला, हाई कोर्ट ने फटकारा, अब वही जमीन यूसुफ पठान को तोहफे में मिलेगी

 

मामला बढ़ा तो मेयर ने आदेश दिए जिन लोगों ने काम में बाधा पहुंचाई उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हो। इसी को लेकर नरेंद्र मेहता ने पुलिस के पास विरोध दर्ज कराया और आरोप लगाए कि पुलिस ने गलत पार्षदों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली है। इसी को लेकर वे प्रदर्शन कर रहे थे और तमाम पार्षदों के साथ विधायक नरेंद्र मेहता ने रात के समय नगर निगम कमिश्नर का ही घर घेर लिया था।

 

आरोपों पर नरेंद्र मेहता ने कहा कि जब सब कुछ हुआ तो पत्रकारों से कोई बहस नहीं हुई थी। नरेंद्र मेहता ने कहा कि अन्य जो लोग वीडियो बना रहे थे उनसे धक्का-मुक्की में किसी पत्रकार को कुछ लग गया होगा।

 

यह भी पढ़ें: पुराने दोस्त ने PM मोदी से कर दी थी शिकायत, BJP विधायक ने खाली कर दी जमीन

विवादों में रहे हैं नरेंद्र मेहता

 

मंत्री प्रताप सरनाईक कहना है कि स्थिति ऐसी थी कि हालात संभालने के लिए पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक को खुद मौके पर जाना पड़ा। उनके मुताबिक, अगर रात के 2 बजे पुलिस कमिश्नर और भारी संख्या में पुलिस नहीं आती तो नगर निगम कमिश्नर और उनके परिवार की जान खतरे में पड़ सकती थी। बता दें कि नरेंद्र मेहता वही नेता हैं जिनके बारे में असगर अली वोरा नाम के शख्स ने पीएम मोदी से शिकायत की थी। असगर अली पीएम मोदी के दोस्त रहे हैं। उन्होंने अपनी जमीन कब्जाए जाने के आरोप लगाए थे। पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बाद नरेंद्र मेहता ने कब्जा छोड़ दिया था।

 

अब प्रताप सरनाईक ने उन पार्षदों की सदस्यता रद्द करने, आरोपियों की गिरफ्तारी करने और आईएएस अधिकारियों के संगठन की विशेष समिति से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी है कि कड़ी कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक अधिकारियों का मनोबल और  गिर जाएगा।

Related Topic:#BJP#shivsena

और पढ़ें