तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी यानी ओएसडी के पद पर अपने ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। विपक्ष के विरोध के बीच तमिलनाडु सरकार ने 24 घंटे के अंदर यह फैसला लिया है। बता दें कि ज्योतिषी की ओएसडी के पद पर नियुक्ति पर विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के सहयोगियों ने भी आपत्ति जताई थी।
डीएमके नेता टीकेएस एलांगोवन ने कहा कि सरकार ने नियुक्ति की एक अधिसूचना जारी की थी... जब अन्य पार्टियों ने इस फैसले की आलोचना की तो सरकार ने इसे वापस ले लिया। वहीं विधानसभा में भी डीएमके ने नई सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। डीएमके महासचिव प्रेमलता विजयकांत समेत विपक्षी नेताओं तमिलनाडु विधानसभा में बेहद अहम पद पर ज्योतिषी की नियुक्ति पर सवाल दागे।
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रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल तमिलनाडु के सीएम विजय के ज्योतिषी है। कहा जाता है कि विजय कोई भी काम करने से पहले उनकी सलाह जरूर लेते हैं। उन्होंने सीएम ऑफिस के सियासी मामलों को संभालने की खातिर ओएसडी बनाया गया था। मगर सियासी हंगामे के बाद सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया। सरकार का यह आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द माना जाएगा।
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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटों पर जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। कांग्रेस के पांच, माकपा और भाकपा के दो-दो व वीसीके के दो विधायकों ने समर्थन दिया। 10 मई की सुबह विजय ने सीएम पद की शपथ ली। बुधवार को जब फ्लोर टेस्ट हुआ तो हर कोई हैरान रह गया। विजय की पार्टी के पक्ष में 144 वोट पड़े। फ्लोर टेस्ट में विजय को AIADMK के विद्रोही गुट के 25 विधायकों का भी साथ मिला।